उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 12 दिन पहले हुए डबल मर्डर का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. रुपए और ज्वेलरी चोरी के इरादे से घर के पास रहने वाले पुराने परिचित ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया था. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मां-बेटी की हत्या का खुलासा कर दिया है. पुलिस ने लूटे गए रुपए और ज्वेलरी बरामद कर ली है.
पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी का सामान जिसमें आभूषण और कीमती वस्तुएं व वाहन भी शामिल है. आरोपी के बीते कई सालों से परिवार से संबंध होने के बावजूद मां-बेटी की हत्या कर दी.
क्या है पूरा मामला ?
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने शनिवार 6 दिसंबर को दोहरे हत्याकांड का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि शाहपुर थानाक्षेत्र के गीता वाटिका कॉलोनी के पास घोसीपुरवा में मंगलवार 25 नवंबर को विमला (60) और उनकी मां शांति देवी (90) की हथौड़े से सिर पर वार कर घर में ही हत्या कर दी गई थी.
इस दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने उनके घर के पास रहने वाले दोनों मृतका मां-बेटी को दादी और बुआ कहकर बुलाने वाले शाहपुर थानाक्षेत्र के आवास विकास कालोनी के रहने वाले रितेश रंजन को गिरफ्तार किया है. उसने पुलिस की पूछताछ में बताया है कि उसने चोरी के इरादे से दोनों की हत्या की. उसने घर से ज्वेलरी और रुपए चुराए और फरार हो गया.
दोनों परिवारों में थे अच्छे संबंध
एसपी सिटी ने बताया कि दोनों के परिवार के बीच अच्छे संबंध रहे हैं. पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी का आभूषण, चोरी के आभूषण की ब्रिकी से प्राप्त धन से अर्जित संपत्ति (आभूषण व एक मोबाइल फोन) (अनुमानित कीमत 5 लाख रुपए), 50 हजार रुपए नकद, घटना में प्रयुक्त हथौड़ा व एक दो पहिया वाहन बरामद किया गया है. गोरखपुर की शाहपुर पुलिस ने इस हत्याकांड में पूर्व में धारा 103 (1) बीएनएस में गिरफ्तारी बरामदगी के आधार पर मुकदमा में 305, 315, 317 (2) की बढ़ोत्तरी की है.
आरोपी ने में बताया कि उसके मृतका व उनकी माता को अच्छे से जानता था. उसका मृतका के घर आना जाना था. आरोपी द्वारा पूर्व में मृतका के हाथ में पहने पीली धातु के आभूषण व पर की अलमारी में रखे आभूषण (पीली धातु) व कुछ नकद रुपए देखा था, आभूषण व नकद चोरी करने की नियत से आरोपी ने मृतका के घर में घुसकर इस घटना को अंजाम दिया था.
बेटी ने किया था चोरी का जिक्र
इस घटना के संबंध में मृतका की लखनऊ में रहने वाली बड़ी बेटी सुशीला ने तहरीर दी थी, जिसमें आभूषण और नकदी चोरी का जिक्र किया था. उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनकी मां और छोटी बहन साथ रहती रही थीं. मकान में 2 से 3 किरायेदार भी रहते हैं. बहन विमला रामा फर्नीचर की दुकान पर पिछले 8 साल से काम करती रही हैं. शांति देवी के पति की 30 साल पहले मौत हो चुकी है. मूल रूप से पीपीगंज की रहने वाली शांति देवी रेलवे कारखाने के सामने चाय की दुकान चलाती रही हैं. मृतका विमला ने शादी नहीं की थी.