मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम गोरखपुर स्थित महायोगी गुरु गोरखनाथ राज्य आयुष विश्वविद्यालय में नवनिर्मित बालक और बालिका छात्रावास का उद्घाटन किया. इस मौके पर बालक छात्रावास का नामकरण ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज की स्मृति में किया गया, जबकि बालिका छात्रावास को ‘राप्ती’ नाम दिया गया.

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उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोनों छात्रावासों में आवंटित एमडी आयुर्वेद के विद्यार्थियों को उनके कमरों की चाबी सौंपी. उन्होंने छात्रावास परिसर का भ्रमण किया और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली. सीएम योगी ने खिड़कियों पर जाली लगवाने, बेहतरीन साफ-सफाई व्यवस्था बनाए रखने और मेस में गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद भी किया और आयुर्वेद की उच्च शिक्षा को उज्ज्वल भविष्य का माध्यम बताया.

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निर्माणाधीन ऑडिटोरियम का निरीक्षण

छात्रावास उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम का निरीक्षण किया. कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने उन्हें निर्माण का अपडेट दिया. योगी आदित्यनाथ ने निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखते हुए जल्द से जल्द इसे पूरा करने के सख्त निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

ड्रीम प्रोजेक्ट का तेज विकास

आयुष विश्वविद्यालय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक महत्वाकांक्षी ड्रीम प्रोजेक्ट है. इसका शिलान्यास 28 अगस्त 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया था, जबकि लोकार्पण 1 जुलाई 2025 को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के द्वारा हुआ. विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. के रामचंद्र रेड्डी ने मुख्यमंत्री योगी का स्वागत किया.

मुख्यमंत्री के इस दौरे से आयुष शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है. नए छात्रावासों से विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा को और मजबूती मिलेगी.

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