उत्तर प्रदेश के गोंडा में विनोद साहनी हत्याकांड के विरोध में बिना अनुमति के कैंडल मार्च निकालने के दौरान आपत्तिजनक नारे लगाए गए, जिसके बाद बवाल मच गया. पुलिस ने इस मामले में आठ नामजद समेत 50 पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है. आरोप है कि ये मार्च बिना इजाजत के निकाला गया और इस दौरान आपत्तिजनक नारेबाजी की गई. 

Continues below advertisement

गोंडा के नवाबगंज दुल्लापुर गांव में विनोद साहनी हत्याकांड के विरोध में रविवार देर शाम को प्रदर्शनकारियों ने कैंडल मार्च निकाला था. पुलिस ने निषेधाज्ञा के बावजूद निकाले गए मार्च के दौरान आपत्तिजनक नारे लगाने और सड़क पर प्रदर्शन कर आवागमन प्रभावित करने के आरोप में पुलिस ने आठ नामजद समेत करीब 50 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है.

कैंडिल मार्च में लगाए आपत्तिजनक नारे

पुलिस के मुताबिक, रविवार रात करीब आठ बजे दुल्लापुर निवासी विकास निषाद के नेतृत्व में करीब 50 लोग कैंडल मार्च लेकर निकले थे. ये मार्च दुल्लापुर गांव से शुरू होकर ऊंचे पुरवा होते हुए दुल्लापुर रेलवे क्रॉसिंग तक पहुंचा था, इस दौरान सड़क पर भीड़ जुटने और प्रदर्शन के चलते आवागमन प्रभावित हुआ और जाम लग गया. 

Continues below advertisement

निषेधाज्ञा के बावजूद निकाल कैंडिल मार्च

प्रदर्शन के चलते ट्रैफिक की रफ़्तार थमने की वजह से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा. पुलिस के अनुसार, मार्च निकालने के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी. जिलाधिकारी की ओर से जिले में 11 सितंबर से दो अक्तूबर तक निषेधाज्ञा लागू है. इसके बावजूद प्रदर्शन करने और आपत्तिजनक नारे लगाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की.

उपनिरीक्षक विभव सिंह की तहरीर पर विकास निषाद, राहुल निषाद, रामजनम निषाद, सुभाष, जसकरन, रामफल, राजकुमार और विनोद निषाद को नामजद किया गया है. इसके अलावा करीब 42 अन्य लोगों को भी मुकदमे में शामिल किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है, आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.  

फतेहपुर: महिला ठेकेदार से 25 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप, BJP नेता समेत 12 पर FIR