गोंडा मेडिकल कॉलेज के वार्ड में चूहों का कहर, ऑक्सीजन पाइपलाइन पर दौड़ते दिखे, मचा हड़कंप
Gonda Medical College: बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय के ऑर्थोपेडिक्स वार्ड में चूहों का कहर मचा है. मरीजों ने वायरल किया वीडियो जिसमें तीन-चार चूहे ऑक्सीजन पाइपलाइन के पास और उस पर चढ़ते-उतरते दिख रहे हैं

उत्तर प्रदेश गोंडा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय इन दिनों बड़े खतरे के मुहाने पर है. यहां भर्ती मरीजों में संक्रमण के साथ ही आग लगने की भी संभावना काफी बढ़ गई है. वर्ष 2024 में स्थापित गोंडा मेडिकल कॉलेज अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ से संबद्ध है. अब यहां के ऑर्थोपेडिक्स वार्ड में चूहों का कहर सुर्खियां बटोर रहा है.
ऑर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों ने वीडियो वायरल किया. इसमें तीन-चार चूहे ऑक्सीजन पाइपलाइन के पास और उस पर चढ़ते-उतरते दिख रहे हैं. वार्डों में चूहे टहलते रहे हैं, जिससे भर्ती मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मेडिकल वार्ड में चूहों के घूमने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं.
संक्रमण और आग का खतरा
यहां भर्ती मरीजों में संक्रमण के साथ ही ऑक्सीजन पाइपलाइन के पास चूहों के घूमने से आग लगने की संभावना भी काफी बढ़ गई है. चूहे बिजली के तारों को कुतर सकते हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट होने का खतरा रहता है. मेडिकल कॉलेज के सुपरिटेंडेंट डॉ. डीएन सिंह ने बताया कि वार्डों में दवाओं का छिड़काव कराया गया है. वीडियो वायरल होने के बाद जांच का आदेश दिया गया है. उन्होंने कहा कि साफ-सफाई में लापरवाही बरतने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
"लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी"
डॉ. सिंह ने आश्वस्त किया कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच जारी है. उन्होंने कहा, "वार्डों में छिड़काव कराया गया है ताकि जितने भी जानवर हैं वह वार्ड में ना आएं और जो बचे हुए हैं वह खत्म हो जाएं. दवाओं के छिड़काव के बाद अब वार्ड से जितने भी चूहे दिखाई दे रहे हैं वह गायब हो गए हैं."
सुपरिटेंडेंट ने कहा, "यह किसकी लापरवाही है इसकी जांच कराई जा रही है. मरीजों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है."
नेशनल मेडिकल कमीशन से अनुमोदित
गोंडा मेडिकल कॉलेज में नेशनल मेडिकल कमीशन से अनुमोदित एमबीबीएस का कोर्स संचालित किया जाता है. ऐसे प्रतिष्ठित संस्थान में स्वच्छता की इतनी बड़ी कमी चिंताजनक है. यह घटना सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता और रखरखाव की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है. मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए और ऐसी लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है.
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