उत्तर प्रदेश के गोंडा में इन दिनों स्वास्थ्य विभाग और नगर पालिका की बड़ी लापरवाही देखने को मिल रही है, जिसके चलते आम लोगों को खामियाजा उठाना पड़ रहा है. दरअसल यहां मेडिकल कॉलेज परिसर में जलभराव से मरीजों और उनके तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. यही नहीं कॉलेज की कई सेवाएं भी बाधित हो रहीं हैं.

Continues below advertisement

मेडिकल कॉलेज में एक्सरे, पैथोलॉजी, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड की सेवाएं भी संचालित हैं. मरीजों को यहां तक लाना उनके तीमारदारों और स्टाफ को बेहद परेशान कर रहा है. उधर अब बीजेपी के चिकित्षा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉ अनिल कुमार ने जल्द निदान का दावा किया है.

Continues below advertisement

                                                                                                                                                                                                                                                                                

करोड़ों का बजट-सुविधाएं नदारद 

प्रदेश सरकार मेडिकल कॉलेज हो या फिर स्वशासी राजकीय चिकित्सालय,  मरीज को बेहतर सुविधा मोहैय्या करवाने के लिए करोड़ों करोड़ों का बजट लाकर चिकित्सालय को हाईटेक बना रही है.  लेकिन गोंडा का मेडिकल कॉलेज जल भराव की स्थिति से बदहाल है. स्थानीय लोगों ने बताया कि कम से कम 5सालों से यह समस्या लगातार बनी हुई है.

यह भी पढ़ें: झांसी: पूरी जिंदगी सांपों से खेलते रहे, आखिर में कोबरा के डसने से हुई 80 साल के 'बिच्छू' की मौत

जल भराव से मुख्य चिकित्सा अधिकारी की कार भी आती है. बावजूद इसके इस समस्या का कोई निदान नहीं हो पा रहा. यही नहीं जिला प्रशासन या नगर पालिका ने भी इसकी कोई सुध नहीं ली है. मरीजों और उनके तीमारदारों को देखते हुए यहां संक्रमण का भी खतरा बढ़ चुका है.

बीजेपी नेता ने जलभराव से निपटने का किया दावा 

सीएमओ कार्यालय में आए भारतीय जनता पार्टी  जिला संयोजक, चिकित्सा प्रकोष्ठ डॉ अनिल कुमार ने बताया कि सीएमओ कार्यालय जा रहा हूं,  स्वशासी राजकीय चिकित्सालय परिसर में जल भराव है. जिला प्रशासन से कई बार आग्रह किया गया है. जल भराव से निपटने की व्यवस्था की जा रही है. इस जल भराव से समस्या का निदान बहुत जल्द करवाया जाएगा. लोगों ने भी जल भराव को लेकर अब नाराजगी जाहिर की है.

यह भी पढ़ें: यूपी: 1 जुलाई से ग्राम सचिवालयों में बिठाए जाएंगे लेखपाल, ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत