Gonda News: रूस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, सैकड़ों युवाओं को बनाया शिकार, केस दर्ज
Gonda News In Hindi: पीड़ित का आरोप है कि मल्टी नेशनल इमीग्रेशन नाम की कंपनी ने रूस में नौकरी के लिए विज्ञापन दिया था, जिसके बाद उन्होंने विदेश में नौकरी का झांसा दिया गया और ऑफ़र लेटर भी दिया.

उत्तर प्रदेश के गोंडा में रूस में नौकरी दिलाने के नाम पर सैकड़ों युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. जहां मल्टी इंटरनेशनल एमीग्रेशन काउंसिल का मालिक सैकड़ों युवाओं से नौकरी के नाम पर लाखों रुपये वसूले गए. ये लोग जब दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे तब इसका भंडाफोड़ हुआ. जिसके बाद युवाओं गोंडा कोतवाली थाना के सामने जमकर हंगामा किया.
बताया जा रहा है कि नगर कोतवाली थाना क्षेत्र में स्थित उतरौला में स्थित मल्टी नेशनल एमीग्रेशन काउंसिल कंपनी की ओर से विदेश में नौकरी दिलाने का एक विज्ञापन निकाला गया था. जिसके बाद उन्होंने लगभग 200 से 300 युवाओं से प्रति व्यक्ति लाखों रुपये जमा करवाए. ठगों ने कूटरचित तरीके से इनका वीजा एग्रीमेंट का कॉल लेटर तैयार करके रूस में नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूली.
रूस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
सैकड़ों की संख्या में जब ये लोग दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे तो वहां पर जालसाज का खुलासा हुआ, जब उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों को फोन किया तो उन्होंने अपना नंबर स्विच ऑफ कर लिया. जिसके बाद सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने थाना कोतवाली पहुंचकर जमकर हंगामा किया और पूरे मामले की जांच की माँग की.
इस मामले में ठगी का शिकार हुए अवधेश कुमार ने थाना कोतवाली क्षेत्र में मल्टी इंटरनेशनल एमीग्रेशन काउंसिल के 6 कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस ने तहरीर के के आधार पर BNS 319(2),318(4),338,336(3),340(2) के तहत 6 नामजद विवेक कुमार, जुल्फिकार उर्फ जुम्मन, मनीषा, सारिका, आर्यन और दीपक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है.
पीड़ित युवक ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
शिकायतकर्ता ने अपनी तहरीर में बताया कि उसने विज्ञापन देखकर आवेदन दिया था. जब वो इस कंपनी में पहुंचा तो वहां विवेक नाम के कर्मचारी ने बताया कि वो रूस में नौकरी के लिए वीजा बनवाते है. वहां मौजूद दूसरे लोगों ने भी इस बात का उसे भरोसा दिलाया. जिसके बाद 29 दिसंबर को उसने 30 हज़ार रुपये कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए. 6 दिन बाद एक लाख रुपये उसने दफ़्तर जाकर दिए.
पैसे देने के बाद विवेक ने उसे आफिस बुलाकर कूट रचित वीजा एग्रीमेन्ट और ऑफर लेटर दिया और कहा कि इसके आधार पर आपको नौकरी मिल जाएगी. 24 फरवरी को जब वो दिल्ली एयरफोर्ट पहुंचा तो देखा कि वहां पर उसके जैसे करीब 200 लोग और भी खड़े थे जो रूस जाने के लिए आए थे. लेकिन, वहां ऐसा कुछ नहीं था. जब उन्होने विवेक को फ़ोन किया तो वो भी बंद मिला.
जिसके बाद इन लोगों को एहसास हो गया कि वो ठगी का शिकार हो गए हैं. इस मामले में अगर प्रति व्यक्ति पैसों को जोड़ दिया जाए तो डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम ठगों ने हड़प ली है. पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.
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Source: IOCL
























