गोंडा का बाबा पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर (Baba Prithvinath Mahadev Mandir) सावन में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है. मंदिर अपने विशाल शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है और स्थानीय मान्यता के अनुसार इसे एशिया का सबसे बड़ा शिवलिंग माना जाता है. सावन के सोमवार और शुक्रवार को यहां हजारों भक्त जल, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाने के साथ रुद्राभिषेक के लिए पहुंचते है.
सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति का सबसे पवित्र समय माना जाता है. इस दौरान उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित बाबा पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. यह मंदिर अपने विशाल शिवलिंग के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है. स्थानीय लोग इसे एशिया का सबसे बड़ा शिवलिंग मानते हैं. इसी वजह से सावन के महीने में यहां दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं.
श्रावण में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
बातचीत के दौरान मंदिर के पुजारी पंडित हनुमंत शरण शास्त्री बताते है कि सावन के प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लग जाती हैं. कई श्रद्धालु कांवड़ यात्रा कर गंगाजल लेकर आते हैं और भगवान शिव का अभिषेक करते हैं. मंदिर में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है. महाशिवरात्रि और अन्य विशेष पर्वों पर भी यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते है.
स्थानीय लोग मानते हैं एशिया का सबसे बड़ा शिवलिंग
गोंडा का बाबा पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर सावन में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है. मंदिर अपने विशाल शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध है और स्थानीय मान्यता के अनुसार इसे एशिया का सबसे बड़ा शिवलिंग माना जाता है. सावन के सोमवार और शुक्रवार को यहां हजारों भक्त जल, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाने के साथ रुद्राभिषेक के लिए पहुंचते हैं.
जल बेलपत्र और धतूरा चढ़ाने से पूरी होती हैं मनोकामनाएं
हनुमंत शरण शास्त्री बताते हैं कि जो भक्त सच्चे मन से बाबा पृथ्वीनाथ महादेव की पूजा करते हैं और जल, बेलपत्र, धतूरा तथा अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यही धार्मिक आस्था हर साल बड़ी संख्या में लोगों को इस मंदिर तक खींच लाती है.
सावन में रुद्राभिषेक का है विशेष महत्व
मंदिर के पुजारी हनुमंत शरण शास्त्री बताते हैं कि सावन का महीना भगवान शिव को सबसे प्रिय माना जाता है. इस पूरे महीने सच्चे मन से भगवान भोलेनाथ की पूजा, आराधना और जलाभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. उनका कहना है कि बाबा पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर में विधि-विधान से रुद्राभिषेक कराने का विशेष महत्व है.
मंदिर के पुजारी हनुमंत शरण शास्त्री के मुताबिक, मान्यता है कि यहां रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है, जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. यही कारण है कि सावन के महीने में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और रुद्राभिषेक के लिए पहुंचते हैं.
