ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म पर रीलिज होने वाली वेबसीरिज ‘घूसखोर पंडित’ पर नाम के विवाद के बाद इसे निर्माता ने वापस ले लिया. लेकिन अब इस पर राजनीति भी शुरू हो चुकी है. मायावती समेत कई नेताओं ने इसे ब्रहामणों को बदनाम करने वाला बताया तो अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने यह कहकर सनसनी फैला दी है, "फिल्म का ब्राह्मणों से कोई रिश्ता नहीं है.” उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म फेसबुक पर यही टिप्पणी की है.

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स्वामी प्रसाद मौर्य की  टिप्पणी के मुताबिक पंडित कोई भी हो सकता है, जिसे ज्ञान हो, उन्होंने अभिनेता और निर्देश को भी ब्राह्मण होने की बात कही और बोले कि फिर ब्राह्मणों का कैसे अपमान हो सकता है. उनकी ये पोस्ट अब वायरल है.

स्वामी प्रसाद मौर्य की टिपण्णी

शनिवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने लिखा, “ ‘फिल्म घूसखोर पंडत’ को लेकर कुछ लोग ब्राह्मणों के अपमान के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रहे है. जबकि फिल्म के नाम से ब्राह्मणों का कोई रिश्ता नहीं है. पंडित शब्द का भी प्रयोग नहीं किया गया है यदि ऐसा होता भी तो बकौल R S S प्रमुख मोहन भागवत जी, पंडित का मतलब ब्राह्मण नहीं, ‘विद्वान’ होता है’. पंडत किसी व्यक्ति का नाम भी हो सकता है. वैसे भी घूसखोर पंडत फिल्म के प्रोड्यूसर और निर्माता नीरज पांडे एवं फिल्म के हीरो मनोज बाजपेई है, यानि फिल्म के प्रोड्यूसर/ निर्माता तथा हीरो सभी ब्राह्मण ही है तो ‘ब्राह्मण’ ब्राह्मण का अपमान कैसे कर सकता है.

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यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर हुआ है मुकदमा

इससे पहले यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस फिल्म को समाज में विद्वेष फैलाने वाला करार देते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए. जिसके बाद लखनऊ में फिल्म निर्माताओं के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है. ब्राहमण संगठनों के साथ कई राजनीतिक दलों ने भी फिल्म के नाम पर ऐतराज जताया है.

फिल्म के नाम अपर विवाद होते देख निर्देश नीरज पांडेय ने फिल्म का टीजर सभी प्लेटफ़ॉर्म से हटा लिया है. और बयान जारी कर कहा कि फिल्म किसी की भावनाएं आहत करने के लिए नहीं है.