उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मंगलवार को उस समय निर्माणाधीन नेशनल हाइवे 124 पर हड़कंप मच गया, जब 8 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से 30 वर्षीय रविंद्र पासवान की मौत हो गई. घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है. कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन करने पर फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजद इया गया है.

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एडीएम आयुष चौधरी ने बताया कि जिम्मेदार अधिकारियों और इंजीनियर की रिपोर्ट बनाकर NHAI को भेजी जा रही है. साथ ही मृतक को मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है.

क्या था पूरा घटनाक्रम ?

जानकारी के मुताबिक मामला दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के जलालाबाद स्थित शहीद वीर अब्दुल हमीद चौक के पास का है. यहां एनएच–124डी पर अंडरपास निर्माण के लिए करीब 8 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था. लेकिन हैरानी की बात ये है कि मौके पर न तो बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी बोर्ड और न ही पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था. मंगलवार देर शाम जलालाबाद निवासी 30 वर्षीय रविंद्र पासवान बाइक से गुजर रहे थे. सामने से आ रहे वाहन को बचाने की कोशिश में उनका संतुलन बिगड़ा और वह सीधे गड्ढे में जा गिरे. हादसा इतना भयावह था कि उनके नाक और मुंह से खून बहने लगा.

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सबसे दुखद पहलू यह रहा कि समय पर मदद नहीं मिल सकी. सूचना देने और राहत कार्य में करीब 30 मिनट की देरी हुई. ग्रामीणों और पुलिस की मदद से रविंद्र को गड्ढे से बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से मऊ जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

तीन साल पहले हुई थी शादी

रविंद्र पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर थे. तीन साल पहले उनकी शादी हुई थी और महज दो महीने पहले ही वह सऊदी अरब से कमाकर घर लौटे थे. परिवार में मातम पसरा है. मामले में एडीएम आयुष चौधरी ने बताया कि सुरक्षा मानकों का पालन न करने के कारण यह दुखद दुर्घटना हुई. दुल्लहपुर थाने में संबंधित फर्म के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. साथ ही परियोजना से जुड़े अभियंताओं की जिम्मेदारी तय करने के लिए NHAI को रिपोर्ट भेजी गई है.