उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में फतेहुल्लापुर समेत दर्जनभर गांवों में बच्चों के दिव्यांग होने के मामला सांसद अफजाल अंसारी की अध्यक्षता में होने वाली दिशा बैठक में भी छाया रहा. इस बैठक में जनपद के सभी विधायक और आला अधिकारी शामिल रहे. बैठक में बच्चों को बुखार आने और दिव्यांग होने पर चर्चा हुई. सपा सांसद ने कहा कि वो यहां का जनप्रतिनिधि होने के नाते इसकी जानकारी माँग रहे हैं. 

बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला अधिकारी ने भी स्पष्टीकरण दिया. उन्होंने कहा कि ये जिस तरह से बताया गया है उसका धरातल से कोई वास्तविकता नहीं है. 11 गांव के 43 दिव्यांगों का मामला है और सभी दिव्यांगों में एक जैसा सिमटम नहीं है. गर्भ में भी बच्चा है तो उसमें भी लक्षण उत्पन्न हो जा रहे हैं साथ ही जन्म लेने के समय और जन्म के कुछ मां-बाप भी यह लक्षण आ जा रहे हैं.

बच्चों के दिव्यांग होने के मामले पर जताई चिंता

सपा सांसद के नेतृत्व में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि जो भी दिव्यांग है उनके परिवार से तत्काल संपर्क करके शासन के द्वारा मिलने वाली समस्त योजनाओं का लाभ दिया जाए यदि उसने फॉर्म भरा हो या ना भरा हो लेकिन मौके पर जाकर उन्हें लाभ दिलाया जाए. 

साथ ही यह भी कहा गया कि यदि आपके जांच में ऐसा कुछ नहीं मिल रहा है लेकिन, आशंका की जा रही है कि वहां पानी में दोष है. ऐसे में पानी की जांच गाजीपुर में कर उसका नतीजा नहीं निकाला जा सकता है इसलिए पानी का सैंपल भी भेजा जाए और वैज्ञानिक परीक्षण कराकर उसके अनुरूप कार्य योजना बनाया जाए.

राज्यपाल को जानकारी देने पर जताया दुख

अफजाल अंसारी ने इस बात पर भी दुख जताया कि इस मामले की जानकारी उन्हें भी समय से नहीं दी और राज्यपाल को इसकी जानकारी पहुंचा दी गई. इस दौरान तंज़ करते हुए कहा कि अगर राज्यपाल से ही सभी बातों का हल निकल जाता है तो यहां आज जो परियोजना जो गाजीपुर से मऊ तक रेल लाइन बिछाकर रेलवे लाइन को जोड़ने की बात कही गई थी वह योजना क्यों ड्रॉप कर दी गई. 

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