उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वायरल वीडियो में एक पुलिस थाने के SHO अजय शर्मा एक व्यक्ति की पीठ पर मोबाइल फोन रखकर उसकी ‘नागरिकता जांच’ करते नजर आ रहे हैं. वीडियो में SHO यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि मशीन बता रही है कि यह शख्स बांग्लादेशी है. जबकि उनके हाथ में केवल एक मोबाइल फोन दिखाई देता है.

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वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर सवालों और तंज की बाढ़ आ गई. लोग पूछ रहे हैं कि आखिर नागरिकता जांच की यह कौन-सी नई हाईटेक तकनीक है, जो पीठ पर मोबाइल रखते ही किसी व्यक्ति को विदेशी घोषित कर दे. कई यूजर्स ने इस वीडियो को गंभीर बताते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, तो वहीं कुछ लोगों ने इसे मज़ाक और मीम का विषय बना लिया है.

पुलिस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं

मामले ने तूल पकड़ लिया है और वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस विभाग की किरकिरी हो रही है. हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक गाजियाबाद पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो अब चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है. इंस्पेक्टर अजय शर्मा फिलहाल गाजियाबाद के कौशांबी थाना प्रभारी है.

23 दिसंबर का है मामला

जानकारी के मुताबिक पूरा मामला 23 दिसंबर का बताया जा रहा है. कौशांबी पुलिस और RAF व CRPF ने मिलकर भोवापुर और बिहारी मार्केट के स्लम एरिया में सघन चेकिंग अभियान चलाया था. जिसमें अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या थे, इस अभियान को ऑपरेशन टॉर्च नाम दिया गया था. उसी दौरान SHO का वह वीडियो वायरल हो रहा है. फिलहाल यह मामला पुलिस महकमे में भी चर्चा का विषय बना हुआ है.