गाजियाबाद पुलिस ने एक रिटायर्ड एयर फोर्स कर्मी की हत्या का सनसनीखेज खुलासा किया है. हत्या करने वाला मुख्य शूटर ने अपने पिता के साथ मिलकर साल 2008 में बुलंदशहर में एक ही परिवार के सात लोगों की हत्या की थी. हत्या में शामिल दूसरा शूटर यूपी पुलिस का कांस्टेबल है. हत्या की सुपारी किसी और ने नहीं बल्कि मृतक के बेटे ने ही दी थी.
दोनों बेटे ने ही दी अपनी पिता के हत्या की सुपारी
गाजियाबाद पुलिस ने अरविंद नाम के शख्स को हिरासत में लिया है. अरविंद ने 26 दिसंबर को अपने बहनोई और यूपी पुलिस के कांस्टेबल नवीन के साथ मिलकर रिटायर्ड एयर फोर्स कर्मी की हत्या कर दी थी. मृतक योगेश की सुपारी उसके दो बेटे नितेश और गुड्डू ने दी थी, जिसकी सुपारी 5 लाख में तय हुई थी.
दरअसल योगेश एयरफोर्स से रिटायर हुआ था और रिटायर होने के बाद उसको जो पैसे मिले थे उनको वह महिला मित्रों पर खर्च करता था. परिवार से अलग रहने के लिए वह अपनी पत्नी और दोनों बेटों को घर से निकलने के लिए कह रहा था. इसी बात को लेकर मृतक का पूरा परिवार परेशान था.
वहीं अरविंद इनका पड़ोसी था. मृतक, अरविंद के साथ भी गाली गलौज और बदसलूकी करता था. हत्या करने से एक सप्ताह पहले प्लानिंग शुरू करी गई और 26 तारीख को प्लानिंग के तहत योगेश की हत्या कर दी गई थी.
हत्या के बाद अंतिम संस्कार की हर रस्म में लिया हिस्सा
अरविंद जब 16 साल का था तब उसने अपने पिता के साथ मिलकर अपने गांव बराली बुलंदशहर में अपने चाचा समेत उनके परिवार के 7 लोगों की हत्या कर दी थी. इस मामले में भी अरविंद ने ₹5 लाख की सुपारी ली थी.
अरविंद और उसके जीजा नवीन जो उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल और फिलहाल जनपद कौशांबी में तैनात है, उन्होंने मिलकर योगेश की हत्या कर दी. दोनों आरोपियों ने एक-एक गोली योगेश को मारी थी. जिसके बाद नवीन और अरविंद दोनों ऐसी जगह पर गए, जहां सीसीटीवी नहीं थे.
जिसके बाद उन्होंने अपने कपड़े बदले और वहां से फरार हो गए. उसके बाद अरविंद अपने घर गया और योगेश की अंतिम संस्कार की हर रस्म में हिस्सा भी लिया. पुलिस ने प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं पुलिस कांस्टेबल नवीन मृतक के दोनों बेटे नितेश और गुड्डू के साथ फरार है.