उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी क्षेत्र में एक स्थानीय कूड़ाघर को हटाने की मांग को लेकर रविवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान पथराव और कथित लाठीचार्ज में कई किसान और पुलिसकर्मी घायल हो गये. जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गयी. पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. इस घटना में 60 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है.

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ग्रामीण यहां कूड़ाघर की बजाय स्कूल या अस्पताल की डिमांड कर रहे हैं. इसी को लेकर रविवार को प्रदर्शन हुआ और देखते ही देखते पथराव और टकराव की स्थिति बन गयी. पूरे इलाके में फोर्स गश्त कर रही है.

बहस के बाद शुरू हुआ पथराव

पुलिस अधिकारियों ने यहां बताया कि लोनी थाना क्षेत्र के मीरपुर हिंदू गांव में रविवार दोपहर एक कूड़ाघर को हटाने की मांग कर रहे स्थानीय लोगों और किसानों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया तथा किसानों व पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस हुई और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया. इसे रोकने के लिये पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इस घटना में कुछ किसान और पुलिसकर्मी घायल हो गये. उन्होंने बताया कि यह हंगामा तब शुरू हुआ जब लोगों ने धरना देने के लिए कूड़ा घर के मुख्य द्वार तोड़ दिये. इससे स्थिति बिगड़ गई और हिंसा में कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गये.

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पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बेरहमी से लाठीचार्ज किया. किसान मनोज कुमार ने दावा किया कि लगभग 60 लोगों के हाथों और सिर पर चोटें आईं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में प्रदर्शनकारियों को कथित पुलिस कार्रवाई के कारण लगी अलग-अलग चोटों को दिखाते हुए देखा जा सकता है.

स्थिति नियंत्रण का दावा

लोनी के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) सिद्धार्थ गौतम ने लाठीचार्ज के आरोपों से इनकार किया. उन्होंने कहा, ''प्रदर्शनकारियों के पथराव में दो पुलिस अधिकारी घायल हो गए. घायल अधिकारियों को इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया.'' हालांकि, पुलिस ने घायल पुलिसवालों की तस्वीरें नहीं दिखाईं और न ही उनके नाम बताए. गौतम ने कहा कि मौके पर स्थिति नियंत्रण में है तथा इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.