गौतमबुद्ध नगर जिले में शनिवार (6 सितंबर) को आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) शांतिपूर्ण और नकलविहीन वातावरण में सम्पन्न हुई. जिले के 40 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई. इस दौरान 35,184 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन केवल 25,300 छात्र-छात्राएं ही परीक्षा में शामिल हुए. यानी कुल 9,884 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी.
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा को पारदर्शी और नकलमुक्त कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. 18 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 40 स्टैटिक मजिस्ट्रेट लगातार केंद्रों का निरीक्षण करते रहे. सभी परीक्षा केंद्रों को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया. साथ ही, डीसीपी, एडीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारी भी खुद परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया.
पहली पाली (सुबह 10 से 12 बजे): 17,592 अभ्यर्थियों का पंजीकरण था, जिनमें से 12,492 ने परीक्षा दी. शेष 5,100 अनुपस्थित रहे. दूसरी पाली (दोपहर 3 से 5 बजे): 17,592 अभ्यर्थियों में से 12,808 उपस्थित हुए, जबकि 4,784 अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र पर नहीं पहुंचे.
परीक्षा केंद्रों पर हुई सघन तलाशी
परीक्षा को नकलविहीन बनाए रखने के लिए परीक्षा केंद्रों पर सघन तलाशी की गई. प्रवेश पत्र और पहचान पत्र की गहन जांच के बाद ही छात्रों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया. केंद्रों पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्टवॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया.
परीक्षार्थियों की प्रतिक्रिया
परीक्षा देने आए छात्रों ने बताया कि केंद्रों पर व्यवस्था संतोषजनक रही. सभी को समय पर प्रवेश मिला और सुरक्षा इंतजाम पुख्ता थे. इस परीक्षा के सफल आयोजन से साफ है कि प्रशासन नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षाएं कराने के लिए गंभीर है. हालांकि, बड़ी संख्या में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों का आंकड़ा यह भी दर्शाता है कि कई पंजीकृत छात्रों ने अंतिम समय पर परीक्षा देने का मन नहीं बनाया.
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