यूपी के मुख्य सचिव रहे दुर्गाशंकर मिश्रा अब केंद्र सरकार की इस कमेटी में मिली जगह, इन मुद्दों पर देंगे सलाह
Durga Shanker Mishra News: पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र को जनसांख्यिकी परिवर्तन पर बनी हाईलेवल कमेटी में शामिल किया गया है. वे प्रशासन, शहरी विकास और मेट्रो परियोजनाओं में लंबा अनुभव रखते हैं.

केंद्र सरकार ने देश में हो रहे जनसांख्यिकी बदलाव (Demographic Change) का अध्ययन करने और उससे जुड़े सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक पहलुओं पर सुझाव देने के लिए एक हाईलेवल कमेटी का गठन किया है. इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नावलेकर करेंगे. खास बात यह है कि इस महत्वपूर्ण समिति में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा को भी सदस्य बनाया गया है.
दुर्गा शंकर मिश्रा का इस कमेटी में शामिल होना इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उन्हें प्रशासन, शहरी विकास और बड़े स्तर की सरकारी योजनाओं को लागू करने का लंबा अनुभव रहा है. यूपी और केंद्र सरकार दोनों में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं. ऐसे में जनसंख्या बदलाव जैसे बड़े विषय पर उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
कौन हैं दुर्गा शंकर मिश्रा?
दुर्गा शंकर मिश्रा उत्तर प्रदेश कैडर के 1984 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी रहे हैं. उनका जन्म 4 दिसंबर 1961 को उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में हुआ था. उन्होंने IIT कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया.
इसके बाद मानव संसाधन प्रबंधन और इंटरनेशनल बिजनेस में भी उच्च शिक्षा हासिल की. वे अपनी सख्त प्रशासनिक शैली, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और शांत लेकिन प्रभावी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं.
यूपी से लेकर केंद्र तक संभाली बड़ी जिम्मेदारियां
दुर्गा शंकर मिश्रा ने अपने प्रशासनिक करियर में उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार में कई अहम पदों पर काम किया. यूपी में वे आगरा और सोनभद्र के जिलाधिकारी रहे. इसके अलावा कानपुर नगर आयुक्त और कानपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली.
राज्य सरकार में उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कर एवं पंजीकरण, नियुक्ति एवं कार्मिक और मुख्यमंत्री कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों में सचिव और प्रमुख सचिव के तौर पर काम किया.
वहीं केंद्र सरकार में भी उनका लंबा अनुभव रहा. वे गृह मंत्रालय और खान मंत्रालय में संयुक्त सचिव रहे. बाद में शहरी विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और फिर आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव बने.
शहरी विकास और मेट्रो परियोजनाओं में बड़ी भूमिका
दुर्गा शंकर मिश्रा को देश के बड़े शहरी विकास विशेषज्ञ अफसरों में गिना जाता है. उनके कार्यकाल में कई शहरों में मेट्रो परियोजनाओं को गति मिली. वे दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के चेयरमैन भी रहे.
प्रधानमंत्री आवास योजना, स्मार्ट सिटी मिशन और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कई बड़ी योजनाओं में उनकी अहम भूमिका रही. सरकारी स्तर पर उन्हें ऐसे अधिकारी के रूप में देखा जाता रहा है जो बड़े प्रोजेक्ट्स को जमीन पर उतारने में माहिर रहे हैं.
दिसंबर 2021 में केंद्र सरकार से वापस यूपी कैडर में भेजकर उन्हें उत्तर प्रदेश का मुख्य सचिव बनाया गया था. उस समय वे रिटायरमेंट के करीब थे, लेकिन सरकार ने उन पर भरोसा जताते हुए सेवा विस्तार दिया.
उन्होंने 30 दिसंबर 2021 को मुख्य सचिव का पद संभाला और 30 जून 2024 तक इस जिम्मेदारी पर रहे. करीब ढाई साल के कार्यकाल में उन्होंने कानून-व्यवस्था, निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई बड़े फैसलों में भूमिका निभाई.
कई बार मिला सेवा विस्तार
दुर्गा शंकर मिश्रा उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल रहे जिन्हें लगातार 3 बार सेवा विस्तार मिला. उनका नाम उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्य सचिवों में भी गिना जाता है.
प्रशासनिक हलकों में उन्हें केंद्र और राज्य सरकार दोनों का भरोसेमंद अधिकारी माना जाता रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी उनकी सक्रिय भूमिका बताई जाती है.
जनसांख्यिकी बदलाव पर देंगे सुझाव
केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई हाईलेवल कमेटी में दुर्गा शंकर मिश्रा के अलावा जनगणना आयुक्त, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव और अर्थशास्त्री डॉ. शमिका रवि भी सदस्य हैं.
यह समिति देश में तेजी से बदल रही जनसंख्या संरचना, शहरीकरण, पलायन, रोजगार, संसाधनों पर दबाव और सामाजिक बदलाव जैसे मुद्दों का अध्ययन करेगी. माना जा रहा है कि दुर्गा शंकर मिश्रा का प्रशासनिक और शहरी विकास का अनुभव इस कमेटी के काम में काफी उपयोगी साबित होगा.

























