बुलंदशहर में एक धार्मिक कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने अंतरराष्ट्रीय हालात और अपने राजनीतिक जीवन को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रही अशांति सिर्फ उस क्षेत्र की समस्या नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा है. उनका कहना था कि आज किसी भी देश में अस्थिरता का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है, इसलिए हमें हर स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए.

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आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में अशांति होती है तो उसका असर वैश्विक स्तर पर पड़ता है. उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे समय में सतर्क रहना जरूरी है और हर परिस्थिति के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए.

उन्होंने अपने जीवन का जिक्र करते हुए बताया कि साल 2008 में उन्होंने पढ़ने-लिखने पर ध्यान देने का फैसला लिया था. इसी दौरान उन्होंने तीन तलाक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा. उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का अहम पड़ाव था.

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राज्यपाल बनने का बताया अनुभव

आरिफ मोहम्मद खान ने बताया कि जब प्रधानमंत्री ने उन्हें राज्यपाल बनने की जिम्मेदारी दी, तो वे मना नहीं कर पाए. हालांकि उस समय उन्हें लगा कि उनका राजनीतिक करियर दांव पर लग सकता है, लेकिन उन्होंने जिम्मेदारी को स्वीकार किया और पूरी ईमानदारी से निभाया.

प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार

उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री का विश्वास ही था कि उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिस मुद्दे पर उन्होंने लंबे समय तक काम किया, उसका परिणाम देखना उनके लिए संतोष की बात रही.

भविष्य को लेकर क्या बोले

भविष्य में किसी नई भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि इंसान को वर्तमान में जीना चाहिए. भगवान श्री कृष्ण के संदेश का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य की ज्यादा चिंता नहीं करनी चाहिए.