कैसरगंज सांसद करणभूषण सिंह ने बयान दिया था कि हम और हमारे पिता नेताजी बृजभूषण सिंह दोनों लोग बीजेपी की टिकट से चुनाव जीतकर एक साथ पार्लियामेंट पहुंचेंगे. एबीपी न्यूज ने बृजभूषण शरण सिंह के निज निवास विश्नोहरपुर में पहुंचकर उनसे कई सवाल किए है. एबीपी न्यूज के सवाल पर बृजभूषण शरण सिंह ने प्रतिक्रिया भी दी है. बृजभूषण शरणसिंह ने 2029 लोकसभा चुनाव को लेकर एक बार फिर बोलते हुए कहा कि अगर हम पिता पुत्र दोनों लोग जीत कर पार्लियामेंट पहुंचेंगे तो किसी को क्या कोई दिक्कत है. दोनों लोगों के चुनाव लड़ने से क्या दिक्कत है. चुनाव कोई भी लड़ सकता है लेकिन भेजने का काम जनता का है. अगर जनता चाहेगी तो चुनाव भी लड़ा जाएगा.
अयोध्या से चुनाव लड़ने की बात को लेकर कहा कि हमारी कोई मंशा नहीं है लेकिन एक दिन अटल जी का मैं भाषण सुन रहा था. उसमें अटल जी कह रहे थे कि मैं राजनीति छोड़ना चाहता हूं लेकिन राजनीति मुझको नहीं छोड़ना चाहती है. तो ऐसे ही मुझको मेरी जानता नहीं छोड़ रही है समय आने दीजिए आप भी यही रहेंगे इस बार लोकसभा चुनाव से पहले जुलूस निकलेगा और जनता जुलूस निकालेगी कि आप चुनाव हमारे यहां से लड़ो. किसी भी लोकसभा सीट से कहीं से भी, मैंने बयान दिया है आप सब लोग सावधान रहें.
देश में मानव निर्मित समस्या है AQI- बृजभूषण
बृजभूषण ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली सहित भारत के अन्य प्रदेशों में AQI की खराब रिपोर्ट हवा का दूषित होना बताया जा रहा है. इसके लिए केवल सरकार नहीं जिम्मेदार है यह मानव निर्मित समस्या है. इसके लिए किसानों को जागरूक करने की जरूरत है. एक ईंट भट्ठा साल भर में कितना धुआं छोड़ता होगा उतना एक एकड़ पराली जलाने में धुआं निकलता है. तो एक भट्टे के लिए बहुत कानून है और दूसरा जिस गाड़ी लैंड क्रूजर से मैं चलता हूं उसका दिल्ली में तेल नहीं मिलेगा ना ही उसका इंजन खुला है और ना ही वह गाड़ी धुआं करती है. प्रदूषण का सर्टिफिकेट बना हुआ है लेकिन दिल्ली में वह नहीं चल सकती है.
नियम से लेकर लेखपाल तक के अधिकारी जिम्मेदार- बृजभूषण
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि मीडिया के माध्यम से सरकार का ध्यान AQI रिपोर्ट की ओर खींचना चाहता हूं. इसके लिए नियम से लेकर लेखपाल तक के अधिकारी जिम्मेदार हैं. इसमें किसानों को जागरूक करने की जरूरत है. इसमें पूंजीपति की चाल है. गाड़ियों के धुएं से वायु प्रदूषण नहीं होता है जितना किसानों के खेत से चलने वाली प्रणाली से होता है.
राहुल गांधी ने जो सवाल उठाया था सरकार उनकी लोकेशन पर नजर रखती है. उनका सवाल भी बुनियाद है क्योंकि वह विपक्ष के बड़े लीडर हैं और यह वह फोटो-वीडियो भेजते हैं तो उसकी जानकारी तो किसी न कहीं सभी को होती है. सुरक्षा की दृष्टि से भी हो सकती है हम भी यहां बैठे हुए हैं तो हम भी किसी की नजर में हैं. आज के सोशल मीडिया और मोबाइल के जमाने में कोई यह नहीं कह सकता कि वह किसी से बचा हुआ है.
ब्राह्मण नेताओं की बैठक पर क्यों उठ रहे सवाल- बृजभूषण
यूपी में बीते दिनों ब्राह्मण नेताओं की बैठक के सवाल पर बृजभूषण ने कहा इसमें कोई गलत बात कहा है अगर कोई एक समाज के लोग बैठकर आपस में बात कर रहे हैं तो उसमें कोई दिक्कत नहीं है. कुछ मन पहले क्षत्रिय समाज के लोगों ने बैठक की थी इसमें किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.
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