UP Flood Alert: महराजगंज में DM ने किया तटबंधों का निरीक्षण, अधिकारियों को दिए चौकस रहने के निर्देश
Maharajganj News:DM संतोष कुमार ने भारी बारिश के बीच सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ अराजी जगपुर और अराजी सुबाइन तटबंधों का दौरा किया.नदी कटान रोकने के लिए जियो टेक्सटाइल ट्यूब का उपयोग किया गया है.

उत्तर प्रदेश में भारी के चलते कई जिले बाढ़ से प्रभावित हैं. 17 जिलों में बाढ़ ने तबाही मचाई है.खुद सीएम योगी ने सभी जिलाधिकारियों को निगरानी के निर्देश दिए हैं. इसी कड़ी में भारी बारिश के बीच महराजगंज के जिलाधिकारी संतोष कुमार ने नौतनवा तहसील के अराजी जगपुर और अराजी सुबाइन तटबंधों का स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ निरोधक तैयारियों का जायजा लिया.
रोहिन नदी के जलस्तर और तटबंधों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करते हुए उन्होंने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए. इस दौरान जियो टेक्सटाइल ट्यूब और बैग के उपयोग से नदी कटान रोकने की प्रभावी तकनीक की सराहना की गई.
जिलाधिकारी संतोष कुमार ने भारी बारिश के बीच सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ अराजी जगपुर और अराजी सुबाइन तटबंधों का दौरा किया. अधिशासी अभियंता (सिंचाई खंड द्वितीय) ने बताया कि जनपद में पहली बार नदी कटान रोकने के लिए जियो टेक्सटाइल ट्यूब का उपयोग किया गया है. इसके साथ ही तटबंधों के ढाल की सुरक्षा के लिए जियो टेक्सटाइल बैग को दो परतों में बिछाया गया है.
इन उपायों से नदी कटान को रोकने और तटबंधों की मजबूती में उल्लेखनीय सफलता मिली है. उन्होंने बताया कि 55 मिमी बारिश के बावजूद सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं.
जिलाधिकारी के निर्देश: 24 घंटे अलर्ट मोड
जिलाधिकारी ने बाढ़ निरोधक कार्यों पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को चौबीसों घंटे अलर्ट रहने का निर्देश दिया. उन्होंने नदियों के जलस्तर पर सतर्क निगरानी, तटबंधों की सुरक्षा के लिए सामग्री का भंडारण, और परिवहन के लिए वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा. उपजिलाधिकारी नौतनवा को संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों की सूची तैयार करने, नावों और मल्लाहों की सूची अपडेट करने, और राहत चौकियों के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए. इसके अलावा तटबंधों पर नियमित पेट्रोलिंग के लिए रूट तय करने का भी आदेश दिया.
बाढ़ तैयारियों की ऑनलाइन समीक्षा
निरीक्षण से पहले जिलाधिकारी ने बाढ़ तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक की. बैठक में उन्होंने सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारियों को रोहिन और महाव नदी से प्रभावित संभावित बाढ़ ग्रामों का तत्काल मूल्यांकन करने के निर्देश दिए. बाढ़ चौकियों, सामुदायिक रसोई शेड, राहत शिविरों, और खाद्यान्न वितरण स्थलों को पूरी तरह क्रियाशील करने पर जोर दिया. बैठक में उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, सिंचाई विभाग के अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल रहे.
Source: IOCL























