Firozabad News: सीएम योगी के दरबार में तहसीलदार के भ्रष्टाचार की शिकायत से हड़कंप, जांच के आदेश
Firozabad News In Hindi: मामला पैतृक संपत्ति पर हक का है, जिसमें पीड़ित के पक्ष में दस्तावेज होने के बाद भी फैसला नहीं हुआ. और दूसरे पक्ष में फैसला पैसा लेकर दिया गया. मामले की जांच के आदेश.

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद में टूंडला तहसीलदार राखी शर्मा पर भ्रष्टाचार का संगीन आरोप लगाने का मामला आया है. स्थानीय राकेश कुमार ने पैसे लेकर जमीन पर कब्जे का ऑर्डर पलटने का आरोप लगाया है. इसकी शिकायत पीड़ित ने खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की थी. जिसके बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. डीएम ने पूरे मामले की जांच दो सदस्य वाले कमेटी को दी है.
मामला पैतृक संपत्ति पर हक का है, जिसमें पीड़ित के पक्ष में दस्तावेज होने के बाद भी फैसला नहीं हुआ. और दूसरे पक्ष में फैसला पैसा लेकर दिया गया. फिलहाल इस मामले में तहसील प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है. माना जा रहा है कि अगर जांच में आरोप सही पाए गए तो कई और कर्मियों पर भी गाज गिर सकती है.
क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता राकेश कुमार के पिता दीनानाथ की मृत्यु उसे वक्त हो गई थी, जब राकेश नाबालिग था. दीनानाथ के हिस्से में उनके पैतृक जमीन आती थी जो कि आने वाले समय में राकेश के नाम जानी थी. लेकिन राकेश के नाबालिग होने के चलते दीनानाथ के भाइयों ने जमीन को राकेश के बालिग होने के बाद ट्रांसफर करने का झांसा दे दिया.
राकेश ने बताया कि जब वह बहुत छोटे थे और उनकी मां अकेली थी. उनकी मां उन्हें लेकर अपने मायके चली गई और जमीन उनके ताऊ के बेटों के पास रही. इसी दौरान राकेश के पिता के भाई और भतीजों ने राकेश के खिलाफ साजिश करते हुए राकेश को अपने चाचा दीनानाथ का बेटा मानने से इनकार कर दिया और उसके खिलाफ फर्जी दस्तावेज बनाकर कोर्ट में पेश कर दिए.
बालिग़ होने पर मालिकाना हक नहीं दिया
बालिग होने के बाद गांव लौटे राकेश ने जब अपनी जमीन पर मालिकाना हक मांगा तो उसके ताऊ और उनके बेटों ने राकेश को चाचा का बेटा करने से इनकार कर दिया और कह दिया कि चाचा ने तो शादी ही नहीं की थी. राकेश अपनी 5 बीघा पैतृक जमीन को पाने के लिए तहसील सदर पहुंचा और उसने तहसीलदार के यहां दरख्वास्त लगाकर जमीन के बंटवारे की अपील की.
तहसीलदार के यहां से न्याय न मिलने पर राकेश ने 2015 में फ़िरोज़ाबाद उप जिलाधिकारी के न्यायालय में फिर अपील की और तत्कालीन एसडीएम रविंद्र मांदर ने अपने कोर्ट में मामले को गंभीरता से सुना और राकेश से परिवार रजिस्टर आधार कार्ड खसरा खतौनी अन्य दस्तावेज तलब किए. राकेश ने जब यह सभी दस्तावेज पूरे कर कोर्ट में पेश किए इसके बाद भी विपक्षी वकील ने राकेश की बालदियत पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया.
एसडीएम ने सच जानने के लिए लगाई थी गांव में अदालत
तत्कालीन एसडीम रविंद्र कुमार ने इस मामले में मई 2016 में गांव जाकर अदालत लगाई और अदालत में उपस्थित ग्रामीणों से राकेश की पिता और उसके परिवार के बारे में जानकारी की. जिसमें बताया गया कि राकेश दीनानाथ का बेटा है ग्रामीणों के बयान के बाद एसडीएम कोर्ट ने राकेश के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उसकी पैतृक जमीन में राकेश का हिस्सा देने का आदेश कर दिया और राकेश को 5 बीघा जमीन का मालिक घोषित करते हुए खसरा और खतौनी में दाखिल खारिज कर दिया गया.
आगरा कमिश्नर ने फिर सुनवाई के आदेश दिए
एसडीएम कोर्ट में राकेश की जीत के बाद विपक्षियों ने कमिश्नर आगरा के यहां फिर से अपील कर सुनवाई करने के लिए गुहार लगाई गई. कमिश्नर आगरा ने फिरोजाबाद यूपी जिला अधिकारी को इस मामले में पुनः सुनवाई करने के आदेश दिए.
इस मामले में फिरोजाबाद सदर तहसील में सुनवाई हुई, लेकिन तमाम सबूत और साक्ष्य के आधार पर तहसीलदार फिरोजाबाद द्वारा विपक्षियों के प्रलोभन को दरकिनार करते हुए फैसला राकेश के पक्ष में रखने का मन बनाया गया. इसी दौरान विपक्षियों द्वारा कमिश्नर आगरा के यहां स्टे लाकर इस मामले को फिरोजाबाद सदर से टूंडला तहसील में ट्रांसफर कर लिया.
टूंडला तहसीलदार ने पुराने आदेश खारिज कर दिए
टूंडला तहसीलदार के यहां सुनवाई के दौरान इस मामले में 29 जनवरी 2026 को एक आदेश जारी किया गया. जिसमें तत्कालीन एसडीम रविंद्र कुमार की जांच और उनके आदेश को सिरे से खारिज करते हुए तहसीलदार राखी शर्मा ने एक वोटर लिस्ट के साक्षी के आधार पर राकेश को दीनानाथ का बेटा करने से इनकार कर दिया और अपने आदेश में कहा कि राकेश के पास दीनानाथ का बेटा होने का कोई ठोस सबूत नहीं है.
इस आदेश के बाद राकेश ने तहसीलदार राखी शर्मा पर मोटी रकम लेकर ऑर्डर करने का आरोप लगाते हुए तहसीलदार की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय और जिलाधिकारी फिरोजाबाद की यहां की. शिकायत का संज्ञान इस मामले में जिलाधिकारी फिरोजाबाद ने अपर जिलाधिकारी विशु राजा की अध्यक्षता में दो सदस्य समिति बनाकर जांच कराई जा रही है.
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Source: IOCL


























