फिरोजाबाद में फर्जी लोन के नाम पर साइबर ठगी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब, 3 शातिर गिरफ्तार
Firozabad Cyber Fraud: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम सेल और थाना साइबर क्राइम टीम ने यह कार्रवाई की.

- फिरोजाबाद पुलिस ने फर्जी लोन गिरोह का पर्दाफाश किया.
- गिरोह फेसबुक पर 'धनी फाइनेंस' के नाम से ठगी करता था.
- तीन गिरफ्तार, लैपटॉप, मोबाइल, नकदी और कार जब्त की गई.
- सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार बनाने का संदेह है.
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से एक बड़े साइबर गिरोह का खुलासा हुआ है. साइबर क्राइम सेल और थाना साइबर क्राइम पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में फर्जी लोन के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा गया है. संयुक्त कार्रवाई में तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासबुक, नकदी और बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं. यह गिरोह फेसबुक पर 'धनी फाइनेंस' के नाम से फर्जी विज्ञापन चलाकर लोगों को लोन का झांसा देकर लोगों को ठगता था.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम सेल और थाना साइबर क्राइम टीम ने यह कार्रवाई की. टीम ने मुकदमा संख्या 08/2026 के तहत कार्रवाई करते हुए तीन अभियुक्त, अवधेश कुमार, सनीवेश अवस्थी और कुनाल उपाध्याय को विजयपुरा तिराहा क्षेत्र से गिरफ्तार किया. जांच में सामने आया कि अभियुक्त फेसबुक पर 'धनी फाइनेंस' नाम से फर्जी विज्ञापन चलाते थे और लोगों को 5 लाख रुपये तक का लोन स्वीकृत होने का झांसा देते थे. इसके बाद प्रोसेसिंग फीस और रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर ऑनलाइन धनराशि वसूलते थे.
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ठगों के पास से क्या-क्या हुआ बरामद?
ये ठग ठगी की रकम को अलग-अलग अवैध बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था. इसके बाद एटीएम कार्ड के जरिए नकद निकासी कर रकम आपस में बांट ली जाती थी. ये ठग क्यूआर कोड के माध्यम से भी वसूली करते थे, ताकि ट्रांजेक्शन का डिजिटल रिकॉर्ड ट्रेस न हो सके. पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 1 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन, 3 पासबुक, 10 एटीएम कार्ड और 17,800 रुपये नकद बरामद किए हैं. बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सील कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा दिया गया है. इसके अलावा चैट, कॉल डिटेल और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड सहित डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण जारी है.
ठगी की रकम से खरीदी हुंडई वरना कार और बुलेट मोटरसाइकिल
जांच में यह भी सामने आया कि करीब 12 से 15 लाख रुपये की ठगी की रकम से अभियुक्तों ने एक हुंडई वरना कार और रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिल खरीदी थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि ठगों ने सैकड़ों लोगों से संपर्क किया और बड़ी संख्या में लोगों को ठगी का शिकार बनाया. पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हुआ है. ऐसे में जरूरत है कि आमजन सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे फर्जी लोन विज्ञापनों से सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की प्रोसेसिंग फीस देने से पहले पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें.
पुलिस ने मामले पर क्या कहा?
एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि साइबर सेल और थाना साइबर क्राइम की संयुक्त कार्रवाई में तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है. ये अभियुक्त फेसबुक पर 'धनी फाइनेंस' नाम से फर्जी विज्ञापन प्रसारित करते थे और लोगों से प्रोसेसिंग फीस व रजिस्ट्रेशन के नाम पर ऑनलाइन धनराशि लेते थे. इनके पास से 7 मोबाइल, 3 पासबुक, 10 एटीएम कार्ड, 17,800 रुपये नकद और एक लैपटॉप बरामद हुआ है. ठगी के पैसों से खरीदी गई कार और मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है. बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं और अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच जारी है.
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Source: IOCL


























