Firozabad News: फिरोजाबाद में पुलिस भर्ती के नाम पर करीब 50 युवकों से लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है. इटावा के एक दंपति ने युवकों को पुलिस विभाग में आयोग से सीधी भर्ती द्वारा नौकरी दिलाने का झांसा दिया. आरोपी दंपति ने 386 रिक्त पदों का फर्जी विज्ञापन दिखाकर युवकों को अपने जाल में फंसाया. प्रत्येक अभ्यर्थी से नौकरी के नाम पर 7 से 10 लाख रुपए की रकम वसूली गई. आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र और प्रवेश पत्र बनाकर युवकों को धोखा दिया. पीड़ित राकेश कुमार ने एसएसपी सौरभ दीक्षित से इस मामले में शिकायत की है.
पीड़ित राकेश कुमार के मुताबिक औरैया जिले के एरवा कटरा निवासी प्रमोद कुमार और उसकी पत्नी ने एक एनजीओ के माध्यम से युवकों को ठगने की योजना बनाई. जब पीड़ित अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचे, तब उन्हें ठगी का पता चला .
पीड़ित के मुताबिक, ठगों ने कहा, "पुलिस में भर्ती के लिए पहले तीन महीने की ट्रेनिंग होगी, इसके बाद परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी. एडमिट कार्ड जारी होंगे और फिर लिखित परीक्षा में भाग लेना होगा. साक्षात्कार होगा और इसका वीडियो वेवसाइड पर डाला जाएगा. फिर अभ्यर्थियों के नियुक्त पत्र जारी होंगे. इसके बाद नौकरी को लेकर प्रशिक्षण मिलेगा. फर्रुखाबाद, सहारनपुर, झांसी, सीतापुर में परीक्षा केंद्र और तैयारी केंद्र बताकर लोगों को गुमराह किया."
अभ्यर्थियों से की 1 करोड़ से अधिक की ठगीआरोप है कि अभ्यर्थियों से 7 से 10 लाख रुपये वसूले गए. इसको लेकर 50 अभ्यर्थियों से करीब 1.86 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है. अभ्यर्थियों को जब नौकरी नहीं मिली तो औरैया में एरवा कटरा जाकर धन वापसी की मांग की तो जान से मारने की धमकी देकर सभी को भगा दिया.
पीड़ित के अनुसार "आरोपी द्वारा कहा जाता था कि उसकी प्रमुख सचिव और पुलिस अधिकारियों से अच्छी सेटिंग है. इसलिए अभ्यर्थियों को तत्काल नौकरी दिला दी जाएगी. रुपये मिले तो उनको वसूल करने का मौका भी मिलेगा. कई युवकों के फोटो दिखाए जाते जो पुलिस में कांस्टेबल, उपनिरीक्षक, वायरलैस आपरेटर के पदों पर भर्ती होने की बात कही जाती थी."
ठग ने पीड़ित को दी जान से मारने की धमकीठगी का शिकार बने अभ्यर्थियों का आरोप है कि औरैया का दंपति गनर रखता है और धमकी देता है कि रुपये मांगने दोबारा आए तो जान से मार देगा. इतना ही नहीं गांव में पंचायत की तो उसमें भी धमकी दे डाली कि रुपये लिए हैं वे वापस नहीं होंगे. अभ्यर्थियों के रुपयों से ही दंपति अपना मकान, जमीन खरीदने में लगा है. इनके द्वारा पूरा रैकिट चलाया जाता है जो जगह जगह अभ्यर्थियों को बुलाकर प्रशिक्षण के नाम पर ठगता है.
केस 1उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ के अनु सचिव के नाम से एक प्रवेश पत्र जारी हुआ. अभ्यर्थी संध्या पुत्री अनिल कुमार निवासी रसूलपुर के प्रवेश पत्र में हरदोई के आरएस इंटर कालेज को परीक्षा केंद्र लिखा. जबकि इस केंद्र पर कोई परीक्षा नहीं हुई."
केस 2उत्तर प्रदेश पुलिस की सीधी भर्ती को लेकर आरक्षी पद के लिए आवेदन मांगे गए. इसमें नीलम पत्नी रामकिशन निवासी अरमराजट्ट शिकोहाबाद ने आवेदन किया था. उसका परीक्षा केंद्र आदर्श इंटर कालेज फतेहगढ़ फर्रूखाबाद के नाम से जारी किया. इस पर अपर सचिव उप्र पुलिस भर्ती प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ की मोहर लगाई लेकिन कोई परीक्षा केंद्र पर नहीं हुई."
केस 3उत्तर प्रदेश पुलिस की सीधी भर्ती को लेकर आरक्षी पद के लिए शिकोहाबाद के अरमराजट्ट निवासी शिवम कुमार पुत्र सुखलाल ने आवेदन किया. उसका परीक्षा केंद्र आदर्श इंटर कालेज फतेहगढ़ फर्रूखाबाद के नाम से जारी किया. सचिव उप्र पुलिस भर्ती प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ की मोहर और हस्ताक्षर थे लेकिन कोई परीक्षा केंद्र पर नहीं हुई."
केस 4उत्तर प्रदेश पुलिस की सीधी भर्ती को लेकर आरक्षी पद के लिए शिकोहाबाद के रैंचटी दखिनारा निवासी नितिन सविता पुत्र अरुण कुमार ने आवेदन किया. उसका परीक्षा केंद्र आरएस इंटर कालेज हरदोई के नाम से जारी किया. सचिव उप्र पुलिस भर्ती प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ की मोहर और हस्ताक्षर थे लेकिन कोई परीक्षा केंद्र पर नहीं हुई."
केस-5उत्तर प्रदेश पुलिस की सीधी भर्ती को लेकर आरक्षी पद के लिए कन्नौज के छिवरामऊ के खानपुर निवासी सचिन सविता पुत्र प्रदीप सिंह ने आवेदन किया. उसका परीक्षा केंद्र आदर्श इंटर कालेज फतेहगढ़ फर्रुखाबाद के नाम से जारी किया. सचिव उप्र पुलिस भर्ती प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ की मोहर और हस्ताक्षर थे लेकिन कोई परीक्षा केंद्र पर नहीं हुई."
अधिकारी बोले- जल्द गिरफ्तार होंगे जालसाजमामले की जांच कर रहे हैं शिकोहाबाद के क्षेत्र अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी के मुताबिक आरोपी द्वारा आयोग से सीधी भर्ती का लालच देकर लोगों के साथ फ्रॉड किया गया है. इसमें पुलिस भर्ती के साथ-साथ शिक्षा विभाग एवं अन्य विभागों की भर्तियों को भी न्यूज़ पेपर की कटिंग के माध्यम से और शासनादेश की फर्जी कॉपी दिखाकर लोगों को भ्रमित किया गया. ठगों ने उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर 7 लाख रुपए की वसूली की. इस मामले की जांच की जा रही है, जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी.
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