फिरोजाबाद: चर्चा में बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली, संपत्ति को लेकर विवाद
बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली फिरोजाबाद के अकबरपुर स्थित उनके पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद गहरा गया है. उनके वंशजों ने डीएम के पास शिकायत दी है. DM के निर्देश पर तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है.

यूपी के फिरोजाबाद जिले में स्थित टूंडला का अकबरपुर गांव इन दिनों दो बड़ी वजहों से चर्चा में है. महान संत और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र बाबा नीब करोरी यानी लक्ष्मी नारायण शर्मा की इस पावन जन्मस्थली पर उनके पैतृक मकान के मालिकाना हक को लेकर विवाद गहरा गया है.
एक तरफ जहां जिला प्रशासन ने संपत्ति से जुड़ी शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश सरकार इस ऐतिहासिक गांव को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पटल पर स्थापित करने के लिए भव्य कॉरिडोर निर्माण की रूपरेखा पर काम कर रही है.
कैसे हुई विवाद की शुरूआत?
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब बाबा नीब करौरी के छोटे पुत्र स्वर्गीय धर्म नारायण शर्मा की छह पुत्रियों—सुनीता, अर्चना, वंदना, भावना, रितु और रिचा ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी से मुलाकात की और एक प्रार्थना पत्र सौंपा. परिजनों का आरोप है कि ग्राम पंचायत नगला स्थित मकान संख्या 154-व, जिसमें बाबा का ऐतिहासिक ध्यान कक्ष, भोजनालय और शयन कक्ष मौजूद है, उस पर श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट के पदेन ट्रस्टी संजय गुप्ता ने एकाधिकार कर लिया है.
मुंबई से आए भावना के पति मनोज रावत ने जिलाधिकारी से मिलकर पैतृक संपत्ति को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की गुहार लगाई और इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक नए निष्पक्ष ट्रस्ट के गठन की मांग रखी. ]
DM के निर्देश पर तीन सदस्यीय कमेटी गठित
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के निर्देश पर एडीएम (न्यायिक) अरविंद द्विवेदी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है. जांच समिति ने निष्पक्ष सुनवाई और वैधानिक कार्रवाई के उद्देश्य से बाबा की सभी छह पोतियों और ट्रस्टी संजय गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
दोनों ही पक्षों को अपने-अपने दावेदारी से संबंधित दस्तावेज, साक्ष्य और मालिकाना हक के सबूत प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है ताकि जांच की प्रक्रिया पूरी कर पारदर्शी तरीके से आगे का कानूनी कदम उठाया जा सके.
नीम करोली बाबा सर्किट को खास प्राथमिकता
पारिवारिक और कानूनी खींचतान के बीच जिला प्रशासन इस स्थल के कायाकल्प को लेकर भी पूरी तरह से प्रतिबद्ध नजर आ रहा है. जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने खुद अकबरपुर पहुंचकर वहां चल रहे विकास कार्यों और प्रस्तावित भव्य कॉरिडोर की योजनाओं का मौके पर मुआयना किया. उत्तर प्रदेश की पर्यटन नीति के तहत नीम करोली बाबा सर्किट को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिसके माध्यम से लखनऊ, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद और मथुरा-वृंदावन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ा जा रहा है.
श्रद्धालुओं को सुगम और आधुनिक सुविधाएं देना प्रशासन का लक्ष्य
प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में देश-विदेश से पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें, जिससे बाबा की जन्मस्थली एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में उभर सके. जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि शिकायत के बाद संपत्ति के अधिकार को लेकर चल रहे विवाद के निपटारे के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है मामले की जांच चल रही है.
बाबा नीब करोरी के जन्म स्थान को विकसित करने के लिए शासन द्वारा लगातार चरणबद्ध तरीके से विकास कार्य कराए जा रहे हैं. अकबरपुर को पर्यटन विभाग विकसित कर रहा है. शासन की ओर से लगातार बाबा की जन्मस्थली के विकास की मॉनिटरिंग की जा रही है. जल्द ही कॉरिडोर का काम पूरा हो जाएगा.
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