लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मंगलवार को उत्तर प्रदेश स्थित उनके संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे के दौरान उनके दादा फिरोज गांधी का बताया जा रहा ड्राइविंग लाइसेंस सौंपे जाने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. योगी सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने इस ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच की मांग की है.
राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली के दौरे पर थे. दौरे के दूसरे दिन रायबरेली प्रीमियर लीग के आयोजक मंडल से जुड़े विकास सिंह नामक व्यक्ति ने उन्हें यह ड्राइविंग लाइसेंस सौंपा. विकास सिंह का दावा है कि यह लाइसेंस वर्षों पहले एक कार्यक्रम के दौरान उनके ससुर को अचानक मिला था. इसके बाद उनके ससुर और फिर सास ने इसे संभालकर रखा और अब राहुल गांधी को सौंपा गया.
दिनेश प्रताप सिंह ने पूछा- यह दस्तावेज आया कैसे?
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि किसी निजी दस्तावेज का इस तरह सामने आना संदेह पैदा करता है. दिनेश सिंह ने मांग की कि यह जांच होनी चाहिए कि ड्राइविंग लाइसेंस वास्तविक और वैध है या नहीं, और यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि इसे सौंपने वाले व्यक्ति के पास यह दस्तावेज आखिर आया कैसे.
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा, 'ड्राइविंग लाइसेंस किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति होती है, जो सामान्यतः उसके परिवार या वारिसों के पास होनी चाहिए. यह लाइसेंस किसी अन्य व्यक्ति के पास कैसे पहुंचा, यह गंभीर जांच का विषय है.' उन्होंने यह आशंका भी जताई कि कहीं राहुल गांधी की रायबरेली यात्रा को 'इवेंट' बनाने के लिए इस मुद्दे को जानबूझकर तो नहीं उछाला गया.
Feroze Gandhi Drivind License: राहुल गांधी पर दिनेश सिंह ने साधा निशाना
इसके साथ ही राज्य मंत्री ने फेसबुक पोस्ट के जरिए भी राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि क्या यह मुद्दा रायबरेली की जनता को गुमराह करने और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए उठाया गया है. पोस्ट में उन्होंने यह भी सवाल किया कि अगर यह लाइसेंस किसी के घर में मिला था तो इतने वर्षों तक इसे वारिसों को लौटाया क्यों नहीं गया और क्या यह दस्तावेज विधिक रूप से बना हुआ है या फर्जी.
वहीं, राहुल गांधी अपने दादा का ड्राइविंग लाइसेंस पाकर भावुक हो गए और उन्होंने तत्काल अपनी मां सोनिया गांधी को व्हाट्सएप के जरिए इसकी जानकारी दी. राहुल गांधी ने लाइसेंस सौंपने वाले विकास सिंह का मंच से धन्यवाद भी किया.
राहुल गांधी को अपने दादा का जो ड्राइविंग लाइसेंस मिला है, वह आज से 88 साल पहले यानी सन्, 1938 में जारी हुआ था. अब यह देखना होगा कि दिनेश प्रताप सिंह की मांग पर 88 साल बाद क्या रुख होता है.