उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में शनिवार को तहसील खागा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब डंडे के सहारे पहुंचे एक 70 वर्षीय वृद्ध ने जिलाधिकारी के सामने खड़े होकर कहा..साहब, मैं जिंदा हूं. वृद्ध की फरियाद सुनकर वहां मौजूद अधिकारी भी हैरान रह गए.

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डीएम निधि वत्स ने तहसील कर्मचारियों को जमकर फटकारा और इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए. उन्होंने वृद्ध को हर संभव मदद का आश्वासन दिया. वहीं तहसील में अन्य फरियादी भी हैरान रह गए.

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क्या है पूरा मामला ?

जानकारी के अनुसार खागा तहसील क्षेत्र के वालीपुर एकडला गांव का रहने वाला भूरा डीएम के समक्ष खड़े होकर कहा कि मैं मुर्दा नही जिंदाहूं. जिसको सुनकर DM विफर पड़ी और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई, वृद्ध भूरा ने जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि लेखपाल और तहसील के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से उसे सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया गया. इतना ही नहीं, उसकी करीब एक बीघा दो बिस्वा जमीन दूसरे व्यक्ति के नाम वरासत भी कर दी गई.

वृद्ध ने बताया कि जब उसे इस फर्जीवाड़े की जानकारी हुई तो वह न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हो गया. कई दिनों तक भटकने के बाद खागा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उसने जिलाधिकारी के सामने अपनी पीड़ा सुनाई और खुद को जीवित होने का प्रमाण दिया.

डीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश 

वृद्ध की बात सुनकर जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स भी अचंभित रह गईं. उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया. साथ ही वृद्ध को हरसंभव न्याय दिलाने की बात कही.

इस घटना ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों में भी इस मामले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मामले का खुलासा न होता तो वृद्ध अपनी ही जमीन से हमेशा के लिए बेदखल हो सकता था.

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