उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में आज शनिवार (21 मार्च) की सुबह करीब चार बजे हरियाणा बॉर्डर के पास ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर गौरक्षक बाबा चंद्रशेखर की मौत ने सनसनी फैला दी. समर्थकों ने दावा किया कि गौ-तस्करों ने उनपर गाड़ी चढ़ा दी है और हाईवे को जाम कर दिया. भीड़ ने हाईवे से गुजर रहे वाहनों और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, जिससे कई गाड़ियों के शीशे टूट गए. हाईवे पर भीषण जाम लग गया. जिसके बाद मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया और हालात संभालने की कोशिश करने लगे. 

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पुलिस ने हिंसक भीड़ को काबू में करने के लिए पहले हल्का बल प्रयोग किया और फिर आंसू गैस के गोले भी दागे. ये बवाल ऐसे समय में हुआ जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिन में गोवर्धन के दंगहाटी मंदिर में प्रार्थना की, जहां उन्होंने गिरिराज जी महाराज की आरती में भाग लिया और गोवर्धन परिक्रमा की.

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‘फरसा वाले बाबा’ के  समर्थकों का दावा है कि बाबा कोटवन बॉर्डर क्षेत्र में नबीपुर के नजदीग गौवंश से लदे एक ट्रक को रोकने का प्रयास कर रहे थे कि तभी गौ-तस्करों ने उन्हें कुचल दिया. मौत की सूचना मिलते ही यूपी और हरियाणा के गौ-सेवक मौके पर पहुंचने लगे. भीड़ भी बड़ी संख्या में पहुंची और तनाव फैल गया. कुछ घंटों के बवाल के बाद पुलिस ने तमाम दावों को खारिज करते हुए कहा कि भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक लोगों ने माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं. संतों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी.देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि  मथुरा जैसे तीर्थ स्थल में गौ तस्करी, गौ हत्या जैसे कृत्य शर्मनाक हैय गौ रक्षकों को पता चल जाता तो पुलिस को क्यों नहीं पता चलता है? साजिशन हत्या या दुर्घटना है, ईमानदारी से निष्पक्ष जांच शासन प्रशासन करे. 

वहीं स्वामी विष्णु दास ने कहा कि गौ तस्करों ने मथुरा के गौरक्षक चंद्रशेखर की जिस तरह गाड़ी कुचल करके उन्होंने हत्या को अंजाम दिया है, ऐसे लोगों को तो बीच चौराहों पर लटका करके फांसी दे देना चाहिए. 

कैसे हुई बाबा की मौत?न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि फरसा वाले बाबा शनिवार तड़के चार बजे हरियाणा सीमा थाना क्षेत्र कोसीकलां पर वाहन में गौवंश होने की सूचना पर अपने शिष्यों के साथ नागालैंड नंबर के एक कंटेनर को रोककर जांच कर रहे थे. उस कंटेनर में साबुन, फिनाइल, शैम्पू आदि सामान भरा हुआ था और इसी दौरान घने कोहरे के कारण पीछे से राजस्थान नंबर के एक ट्रक ने कंटेनर को टक्कर मार दी, जिससे बाबा की मौके पर ही मौत हो गई. उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में ट्रक चालक घायल हो गया.

वहीं मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार के मुताबिक, रात के वक्त फरसा बाबा को गौ तस्करों की सूचना मिली थी. इसी का पीछा करने निकले थे. उन्होंने कहा, ''थाना कोसी क्षेत्र में कल रात्रि लगभग 03:00-04:00 बजे के मध्य चंद्रशेखर उर्फ फरसा बाबा द्वारा एक वाहन को संदेह के आधार पर रोका गया था. इसी दौरान घने कोहरे के कारण पीछे से आ रहे एक ट्रक की टक्कर लगने से उनकी दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु हो गई. जिस कंटेनर को बाबा ने रोका था उसमें किराने का सामान पाया गया तथा पीछे से आए ट्रक में तार लदे हुए थे. यह एक सड़क दुर्घटना है, गौवंश तस्करी से इसका कोई संबंध नहीं है.''

इसके साथ ही मथुरा पुलिस ने चेताया है कि ''गौकशी या गौवंश तस्करी से संबंधित सोशल मीडिया पर चल रही खबरें पूर्णतः भ्रामक और असत्य हैं. प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना कोसीकलां पर दुर्घटना का मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है. मथुरा पुलिस जनता से अपील करती है कि किसी भी तथ्यहीन अफवाह को फेसबुक, ट्विटर या इंस्टाग्राम पर प्रसारित न करें, अन्यथा भ्रामक सूचना फैलाने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी.''

एसएसपी ने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध आवश्यक बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है. अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.

अंतिम संस्कार संपन्नभीड़ को प्रशासन की तरफ से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद मथुरा के बरसाना में फरसा वाले बाबा का उनके आश्रम में अंतिम संस्कार किया गया. हालांकि अब भी उनके अनुयायियों में असंतोष है. पुलिस ने निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

फरसा वाले बाबा इसी आश्रम में गौ सेवा करते थे, जो भी गाय घायल हो जाती थी, बीमार हो जाती थी, उनको लेकर आते थे और उनकी सेवा करते थे. लोगों का कहना है कि कल रात को भी उन्हें गौ तस्करी की सूचना मिली थी, जिसके बाद वह निकल गए और उनकी मौत हो गई.

मथुरा की घटना पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के लोग कुछ नहीं जानते हैं वह केवल नफरत फैलाना चाहते हैं और हर परिस्थिति का राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं. यह सरकार पुलिस और प्रशासन से पॉलिटिकल काम लेती है. इसीलिए प्रशासन और पुलिस लॉ एंड ऑर्डर, एडमिनिस्ट्रेशन देख ही नहीं रहे हैं.