मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 15 सितंबर 2025, सोमवार को लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य विशाल सिंह चंचल की मौजूदगी में जनपद गाजीपुर में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के मृतक सियाराम उपाध्याय के पिता एवं भाई ने मुलाकात की. एक बयान में मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदना शोक संतप्त परिजनों के साथ है. घटना की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है. SIT की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन मिला .

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पुलिस की कथित पिटाई से हुई दिव्यांग की मौत 

बता दें गाजीपुर में पुलिस की कथित पिटाई से दिव्यांग बीजेपी कार्यकर्ता सियाराम उपाध्याय की मौत हो गई थी. वहीं इस मामले पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी दिखाते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी और सख्त कार्रवाई की मांग भी की थी. 

वहीं अब इस मामले में मृतक सियाराम के परिजनों ने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकत की है. जिसमें मृतक के पिता  और भाई ने सीएम से मुलाकात कर घटना पर दुख प्रकट किया और न्याय की गुहार लगाई है. 

सीएम ने दिया आश्वासन

वहीं इस मुलाकात के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतक के परिजनों को उचित और न्यायिक कार्रवाई का आश्वासन दिया है. इसके अलावा मुख्यमंत्री कार्यालय से ये भी आश्वासन दिया जा चुका है कि सीएम योगी की संवेदना शोक संतप्त परिवार के साथ हैं. 

सीएम योगी के आदेश के बाद इस मामले को लेकर SIT का गठन किया गया है. जिसके बाद SIT मामले की जांच में पूरी निष्पक्षता के साथ जुट गई है और परिजनों को आश्वस्त किया गया है कि SIT की रिपोर्ट आने के बाद उस रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. 

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल गाजीपुर जिले के नोनहरा थाना क्षेत्र के गठिया गांव में मंगलवार  (9 सितंबर) को बिजली के खंभे लगाने को लेकर विरोध में ग्रामीणों और BJP कार्यकर्ताओं ने नोनहरा थाने पर धरना देना शुरू किया था. इस धरने में उन्होंने आरोप लगाया था कि बिना पड़ोसी किसान की सहमति के खंभे लगाए जा रहे थे. 

धरने में करीब 40-50 लोग शामिल थे, जिनमें दिव्यांग BJP कार्यकर्ता सियाराम उपाध्याय उर्फ जोखू (निवासी रुकुंदीपुर) भी थे. रात करीब 1:30 बजे पुलिस ने थाने की लाइट बंद कर दी और अचानक लाठीचार्ज शुरू कर दिया, लाठीचार्ज के बाद भाग न पाने की वजह से दिव्यांग सियाराम की मौत हो गई.