उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बीच एक तस्वीर ने सबको चौंका दिया है. दरअसल, यहां एक योग केंद्र में रहस्यमयी बक्सा दिखा. इस बक्से पर पेमेंट के लिए क्यूआर कोड भी लगा हुआ है. 

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इस बक्से पर रामराज्य कोष का क्यूआर कोड लगा हुआ है. दावा किया जा रहा है कि छापेमारी के बाद इसी बक्से से कैश बरामद हुआ था. 

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इसी योग केंद्र से अविनाश शुक्ला को पुलिस ले गई थी. इसी बक्से के अंदर से पुलिस ने वो बैग बरामद किया था, जिसके अंदर कैश रखा हुआ था. इसी कमरे में दोनों भाई रहते थे.

क्या बोले योग केंद्र के केयरटेकर?

जब ये पता चला कि शुक्ला बंधु चोरी के मामले में शामिल हैं तो दोनों को योग केंद्र से भगा दिया गया था. योग केंद्र के केयरटेकर संतोष ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि पांच तारीख को साढ़े सात बजे पुलिस को अविनाश लाई थी. फिर बक्से में से बैग निकला . अब उसमें कितना कैश था, ये नहीं पता. अविनाश करीब डेढ़ साल से यहां था. 

हम लोग सुबह 8 बजे आते थे तो देखते थे कि अविनाश सोता रहता था. हमारे जाने के बाद वो उठता था. अभिषेक सुबह उठकर योग करते थे और फिर पढ़ाने चले जाते थे. अविनाश की ड्यूटी राम मंदिर में 2 बजे की थी लेकिन वह 1 बजे जाता था.

'अयोध्या में सबकी संपत्ति बढ़ी है...'

इन सबके बीच चढ़ावा चोरी पर अयोध्या के मेयर और महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि जब सपा चीफ अखिलेश यादव ने पोस्ट किया और चीजें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तह हमें पता चला कि ऐसा कुछ हुआ है.

त्रिपाठी ने आरोपियों की संपत्ति बढ़ने के सवाल पर कहा कि अयोध्या में सबकी संपत्ति बढ़ी है. रेहड़ी वाले की भी संपत्ति बढ़ गई है. लेकिन कहीं ऐसा दिखा नहीं. 

एसआईटी पर उठे सवाल

अयोध्या में एक ऐसा आर्थिक वातावरण बना था जिसमें सबकी संपत्ति बढ़ी थी. अब ये लोग इतने उल्लेखनीय नहीं थे कि उनकी संपत्ति देखी जाए.

वहीं शंकराचार्य परिषद् के अध्यक्ष आनंद स्वरूप महाराज ने एसआईटी को ही खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि एसआईटी कभी दूध का दूध, पानी का पानी नहीं कर पाएगी. महाकुंभ में जब भगदड़ मची तब भी एसआईटी का गठन हुआ. क्या हुआ इसमें आज तक? उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चोरी नहीं हुई है बल्कि डाका पड़ा है.