उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जनपद के नसीरगंज क्षेत्र में शिया समुदाय ने ईद का त्यौहार ना मानने का बड़ा फैसला किया है. वहां पर मौजूद तमाम लोगों ने कहा कि इस साल उनके रहबर अयातुल्लाह अली शिस्तानी की शहादत पर वह ईद और खुशी का त्यौहार नहीं मानेंगे. बल्कि ईद उल फितर की नमाज बड़ी सादगी और काली पट्टी बांधकर पढ़ेंगे. 

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आपको बताते चलें कि ईरान के सर्वोच्च नेता और शिया समुदाय के रहबर अयातुल्ला शिस्तानी का पिछले दिनों इजरायल और अमेरिका के हमले में मौत हो गई थी. जिसके कारण शिया समुदाय पूरी तरीके के से शोकाकुल माहौल में है. सबसे मुसलमानों की सबसे बड़ी ईद, ईद उल फितर को इस साल वह नहीं मान रहे है. बल्कि ईद की नमाज को भी बड़ी सादगी के साथ पढ़ा जाएगा.

'इस साल नहीं मनाएंगे जश्न और ईद की खुशियां'

नासिरगंज के शिया जामा मस्जिद के इमाम मौलाना तुफैल अब्बास साहब ने कहा कि अयातुल्लाह अली शिस्तानी ईरान के नेता ही नहीं बल्कि हम लोगों के रहबर भी थे. हम लोग उन्हें अपना पेशवा और रहबर मानते थे और उनकी मौत पर हम इस साल जश्न और ईद की खुशिया नहीं मनाएंगे.

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हम इस साल नहीं मनाएंगे ईद- नाजिम हैदर

वहीं, नाजिम हैदर ने कहा कि जिस तरह हिंदू समुदाय में शंकराचार्य, ईसाई धर्म में पॉप होते हैं. इसी तरह शिया समुदाय में पूरी दुनिया का एक रहबर होता हैं जिनके कहना पूरी दुनिया के शिया समुदाय मानते हैं. उन्हें अमेरिका और इसराइल ने निर्मम हत्या कर दी जिससे हम इस साल खुशियों का त्योहार ईद नहीं मानेंगे.

आयतुल्लाह शिस्तानी की हत्या का मना रहे हैं शोक

इसी तरह वकार हैदर कहते हैं कि इंसानियत के दुश्मन अमेरिका और इजरायल ने मजलूमों की मदद करने वाले आयतुल्लाह शिस्तानी की हत्या की है जिसका हम शोक मना रहे हैं अभी उन्हें सुपुर्दे खाक भी नही किया गया और जिन 170 मासूम बच्चों की अमेरिका ने हत्या कर दी है उनके घर में ईद नहीं मन रही है तो हम कैसे ईद मनाएंगे.