उत्तराखंड में देहरादून स्थित शिक्षा निदेशालय में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ हुई मारपीट की घटना ने प्रदेश की सियासत और शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है. घटना के बाद शिक्षकों, कर्मचारियों और आम नागरिकों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है. सत्तारूढ़ दल भाजपा ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी विधायक उमेश शर्मा काऊ से जवाब तलब करने की बात कही है.

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प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी प्रकार की अराजकता और हिंसा का समर्थन नहीं करती. उन्होंने कहा कि जनसमस्याएं उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती. पार्टी शीघ्र ही रायपुर विधायक से पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगेगी और परिस्थितियों की जानकारी लेगी. उन्होंने यह भी कहा कि कानून अपना काम करेगा और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो पार्टी सख्त कार्रवाई के पक्ष में रहेगी.

शिक्षकों और कमर्चारियों ने जताया विरोध

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घटना के विरोध में शिक्षकों और कर्मचारियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. राजकीय शिक्षक संघ के रायपुर ब्लॉक अध्यक्ष रामेंद्र राणा ने इसे निंदनीय और आपराधिक कृत्य बताते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा. सोशल मीडिया पर भी घटना की व्यापक आलोचना हो रही है.

प्रदेश अध्यक्ष ने संयम रखने की अपील की

इस बीच प्रदेश अध्यक्ष ने शिक्षक समुदाय से संयम बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं निकट हैं और किसी भी प्रकार के आंदोलन का असर छात्रों के भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए. शिक्षकों से अपील की गई है कि वे विद्यार्थियों के हित को सर्वोपरि रखें.

घटना के विरोध में कालीमंदिर क्षेत्र में स्थानीय लोगों ने विधायक का पुतला दहन कर प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विधायक की मौजूदगी में उनके समर्थकों ने अधिकारी और कर्मचारियों के साथ मारपीट की. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा. फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मामले की जांच जारी है.