उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दिव्या मिश्रा की हत्या के मामले में उनकी बहन, पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने भावुक पोस्ट लिखी है. सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट में प्रज्ञा ने आज 20 अगस्त, गुरुवार के ही के दिन पूर्णागिरी जाने की योजना के बारे में बताते हुए लिखा कि काश आज हम घूमने चले गए होते.

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प्रज्ञा ने लिखा कि मेरी बहन दिव्या मिश्रा लखनऊ के गोमतीनगर आईसीआईसीआई बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर थी वो पति की साइको हरकतों और उसकी बहन के पागलपन की बिमारी की वजह से अलग रह रही थी. रोज की तरह वो सुबह नौ बजे दफ़्तर पहुंची थी. दफ़्तर पहुंचने के बाद उसने अपना कामकाज निपटाया उसके बाद वो किसी से कुछ चेक कलेक्ट करने के लिए अपने कलीग के साथ बाहर चली गई.

उन्होंने लिखा कि इस दरमियान उसका साइको पति दो रिवॉल्वर के साथ ऑटो से रेकी करने लगा. जब वो बैंक पहुंची बैंक के गेट पर उसके पति ने पहले पहली रिवॉल्वर से गोली चलायी.

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मिश्रा ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि फिर रिवॉल्वर की बट से चेहरे सिर पर कई वार किये. पास के सब लोग जान बचाकर भाग गए. फिर दूसरा रिवॉल्वर निकाला उससे फायर किया. माथे पर उसके बहुत बड़े बड़े होल हैं.

उन्होंने लिखा कि दिव्या मेरी बहन तुम अब नहीं हो ये यकीन कर पाना बहुत मुश्किल है. तुम मम्मी का बेटा थीं. मम्मी का बार बार फोन आ रहा है. मेरी हिम्मत नहीं है की की मैं उनको कह सकूं की तुम अब नहीं रहीं. दिव्या काश के तुम इतनी सीधी नहीं होतीं. काश के हम आज पूर्णागिरि घूमने चले गए होते.

साल 2018 में हुई थी दिव्या और मानस की शादी

बता दें दिव्या और मानस की शादी साल 2018 में शादी हुई थी. शादी के एक साल बाद से ही दोनों के बीच में पारिवारिक लड़ाई होने लगी. करीब 3 सालों से दोनों लोग अलग अलग रह रहे थे. दिव्या अपने माता पिता के साथ बुद्धेश्वर चौराहे के पास रह रहीं थीं.

दिव्या मिश्रा ने पति मानस के खिलाफ 8 महीने पहले फैमली कोर्ट में केस फाइल किया था. कोर्ट के आदेश पर मध्यस्थता की प्रक्रिया चल रही थी. 21 अगस्त की तारीख लगी थी. इसको लेकर वो काफी परेशान थी. परिजनों का कहना है कि मानस शादी के बाद से लगातार मारपीट करता था. इससे परेशान हो कर कोर्ट केस किया गया था.