मोदी सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष की ओर से विरोध जताया जा रहा है. समाजवादी पार्टी ने पहले बिल का समर्थन किया था, लेकिन अब पार्टी ने यूटर्न ले लिया है. सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा है कि यह उनकी बेनियती है. हम इस बिल का विरोध करेंगे. इस बीच सांसद डिंपल यादव का बयान सामने आया है.

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समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने बिल को लेकर कहा कि हम चाहते हैं कि जो परिसीमन का प्रयोग है, यह बिना जनगणना के हो रहा है. उन्होंने आगे कहा कि सरकार 20 साल पहले का डेटा परिसीमन में कैसे प्रयोग करेगी. यह अपने आप में सरकार की नीयत और नीति में खोट दर्शाता है.

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डिंपल यादव ने बिल को लेकर क्या कहा?

डिंपल यादव ने आगे कहा कि इसके अलावा देश की एससी-एसटी महिलाओं को 21-22 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है. यह इसलिए नहीं मिल रहा है कि बीजेपी चाहती है. यह आरक्षण इसलिए मिल रहा है क्योंकि संविधान में भीमराव अंबेडकर ने सुनिश्चित किया है कि यह मिले.

उन्होंने आगे कहा, "हम चाहते हैं कि ओबीसी और अल्पसंख्यक समाज की महिलाओं को भी आरक्षण मिले." उन्होंने कहा कि इनको मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जाए. उन्होंने आगे कहा कि सरकार की मंशा इसलिए साफ नहीं है क्योंकि चार राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं.

डिंपल यादव ने सरकार की मंशा को लेकर लगाया आरोप 

डिंपल यादव ने आगे कहा कि 2029 में सरकार को चुनाव लड़ना है. कहीं न कहीं सरकार का वोट बैंक कम हो रहा है, इसलिए महिलाओं को गुमराह करके संशोधन के तहत यह बिल लाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हमारी यह मांग है महिलाओं के लिए आरक्षण आए. इसमें पहले जनगणना और जातिगत गणना हो फिर परिसीमन का सही ढंग से प्रयोग किया जाए न की मनमाने तरीके से की जाए.

उन्होंने यह भी कहा कि 2011 की जनगणना के आंकड़ों के हिसाब से परिसमीन किया जाए और फिर महिलाओं को आरक्षण दिया जाए. उसमें एससी-एसटी और ओबीसी की महिलाओं को आरक्षण दिया जाए. 

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