समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव शुक्रवार को मैनपुरी के करहल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बरनाहल थाना क्षेत्र के गांव फूलापुर पहुंचीं. वहां उन्होंने पिछले दिनों हुए दोहरे हत्याकांड (डबल मर्डर) के पीड़ित परिवार से मुलाकात की और अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं. शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते हुए सांसद ने आश्वासन दिया कि वे इस दुख की घड़ी में उनके साथ हैं और उन्होंने प्रशासन व शासन से पीड़ित परिवार को उचित न्याय और आर्थिक मदद दिलाने की पुरजोर मांग की है.

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इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए डिंपल यादव ने संसद की कार्यवाही, राष्ट्रीय सुरक्षा और वाराणसी में प्रतिमा खंडित किए जाने जैसे गंभीर मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखे हमले किए.

संसद में विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप

लोकसभा और राज्यसभा में चल रहे गतिरोध पर बोलते हुए डिंपल यादव ने कहा कि विपक्ष के नेता (LoP) सदन में अपनी बात रखना चाहते थे. उन्होंने बताया कि राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की पुस्तक की कुछ पंक्तियां सदन में पढ़ना चाहते थे, लेकिन स्पीकर ने यह कहकर अनुमति नहीं दी कि वह प्रकाशित सामग्री नहीं है. डिंपल यादव ने स्पष्ट किया कि विपक्ष के नेता वह पुस्तक स्वयं प्रधानमंत्री को भेंट करना चाहते थे, लेकिन सदन में सांसदों को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा.

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उन्होंने राज्यसभा से वॉकआउट का समर्थन करते हुए कहा, "जब लोकसभा में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को बोलने नहीं दिया जाएगा, तो उनके पास विरोध के अलावा क्या रास्ता बचता है? चाहे टीएमसी हो या समाजवादी पार्टी, सभी को महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखनी थी."

बीजेपीके रवैये पर उठाए सवाल

संसद में हो रहे हंगामे और सांसदों के निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष के माइक बंद कर दिए जाते थे, अब तो बोलने का अवसर ही नहीं दिया जा रहा. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपीसांसद सदन में अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती. इसके विपरीत, विपक्ष के सांसदों को अपनी बात रखने के प्रयास में सस्पेंड कर दिया जाता है.

राष्ट्रीय सुरक्षा और इंटेलिजेंस पर प्रहार

नेशनल सिक्योरिटी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए डिंपल यादव ने कहा कि सरकार जवाबदेही से भाग रही है. उन्होंने कहा, "पहलगाम और पुलवामा जैसी बड़ी घटनाएं देश के इतिहास में दर्ज हैं, लेकिन कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है. हमारी इंटेलिजेंस एजेंसियां क्यों फेल हो रही हैं? बीजेपीसरकार के पास इन सुरक्षा चूकों पर कोई जवाब नहीं है."

वाराणसी में प्रतिमा खंडित होने पर नाराजगी

प्रधानमंत्री द्वारा गांधी परिवार पर की गई टिप्पणी के सवाल पर डिंपल यादव ने कहा कि इस तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्होंने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वाराणसी में अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा और शिव मंदिर को खंडित किया गया है. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के किसी करीबी 'बाबा' का होटल बनाने के लिए इन ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों को नुकसान पहुंचाया गया है. उन्होंने सवाल किया कि जिन्होंने मणिकर्णिका घाट बनवाया, उनकी प्रतिमा को कॉरिडोर के नाम पर खंडित करना कहाँ तक उचित है?

महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था

दिल्ली में महिलाओं और बच्चियों के लापता होने की खबरों पर उन्होंने कहा कि प्रशासन इन घटनाओं को स्वीकार करने तक को तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि जब पुलिस यह मानेगी ही नहीं कि घटनाएं घट रही हैं, तो वह सुधार या कार्रवाई क्या करेगी?

सांसद डिंपल यादव के इस दौरे ने जहां एक ओर स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था को लेकर हलचल तेज कर दी है, वहीं उनके बयानों ने आगामी संसद सत्र और राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बहस छेड़ दी है.