उत्तराखंड में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनका सीधा असर आम जनता, किसानों, कर्मचारियों और पर्यटन क्षेत्र पर पड़ेगा. सरकार ने पशुपालन, चारधाम यात्रा, शिक्षा, कारागार व्यवस्था, निर्यात और स्वास्थ्य समेत कई क्षेत्रों में सुधार और विकास को ध्यान में रखते हुए अहम निर्णय लिए.

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सबसे पहले पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. कैबिनेट ने भ्रूण प्रत्यारोपण के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले पशुओं के उत्पादन की पायलट परियोजना को स्वीकृति दी है. इसका उद्देश्य दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है. इस तकनीक से बेहतर आनुवंशिक गुणों वाले पशु तेजी से तैयार किए जा सकेंगे.

सरकरा ने घोड़े-खच्चरों का बीमा प्रीमियम वहन का लिया निर्णय

चारधाम यात्रा से जुड़े पशुपालकों को राहत देते हुए सरकार ने घोड़े-खच्चरों के बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत हिस्सा खुद वहन करने का निर्णय लिया है. शेष 80 प्रतिशत राशि पशु स्वामी देंगे. इस योजना के तहत करीब 15,000 पंजीकृत पशुओं को कवर किया जाएगा. सरकार इस पर लगभग 105 लाख रुपये का खर्च उठाएगी, जिससे पशु मालिकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी.

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राज्य आंदोलनकारियों को मिलने वाले 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण से जुड़े एक अहम फैसले में कैबिनेट ने भर्ती परीक्षाओं में आवेदन की अंतिम तिथि के बाद प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने वाले अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के दौरान एक बार मौका देने की अनुमति दी है. इससे कई पात्र अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी.

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सरकार ने बिटुमिनस कार्यों में मूल्य समायोजन को दी मंजूरी

बढ़ती लागत को देखते हुए सरकार ने बिटुमिनस कार्यों में मूल्य समायोजन को मंजूरी दी है. कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण बिटुमिन की कीमतें 30 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई हैं. ऐसे में 1 मई 2026 से 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए संबंधित अनुबंधों में संशोधन किया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हों. आबकारी नीति में भी संशोधन किया गया है. सरकार ने उपकर को वैट गणना में शामिल करने और होलोग्राम शुल्क के दोहराव को खत्म करने का निर्णय लिया है, जिससे व्यवस्था अधिक पारदर्शी और सरल बनेगी.

निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र में अत्याधुनिक एएमएस मशीन के संचालन हेतु पांच विशेषज्ञ पद सृजित किए जाएंगे. इससे प्राकृतिक और सिंथेटिक उत्पादों की जांच कर उनकी प्रमाणिकता सुनिश्चित की जा सकेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में राज्य के उत्पादों की साख बढ़ेगी.

अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन को दी गई मंजूरी

पर्यटन को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन को मंजूरी दी गई है. इसमें 120 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने का लक्ष्य है, जिनमें अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के प्रतिभागी शामिल होंगे. आयोजन के लिए संस्था का चयन एकल स्रोत से किया जाएगा. कर्मचारियों के हित में उपनल कर्मियों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की दिशा में कट-ऑफ तिथि को संशोधित किया गया है. अब यह तिथि 15 अक्टूबर 2024 मानी जाएगी.

राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति

इसके अलावा, कारागार नियमावली में संशोधन, कारापाल सेवा नियमावली का गठन और संस्कृत शिक्षा विनियमावली में बदलाव को भी मंजूरी दी गई है. शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य को पूर्ण साक्षर घोषित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई. स्वास्थ्य क्षेत्र में गोल्डन कार्ड योजना के तहत अस्पतालों के लंबित बिलों के भुगतान के लिए वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया गया है.

अंत में, लंबे समय से लंबित किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना पर सहमति बनने पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया गया. इन सभी निर्णयों से राज्य के समग्र विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है.

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