उत्तर प्रदेश के देवरिया में प्रशासन ने अब्दुल गनी शाह की मजार को अवैध बताकर बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है.  लेकिन इस बीच मंगलवार को यहां एक हैरान करने वाला दृश्य देखने को मिला. गोरखपुर से रानी तिवारी नामक महिला अचानक पहुंची और उसने मजार कमेटी को चादर के पैसे दिए इस दौरान वह भावुक होकर रोने लगी.

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महिला के मुताबिक इस मजार से उसकी मन्नत पूरी हुई थी, लेकिन वह चादर चढ़ाना भूल गयी थी. उसे जैसे ही पता लगा कि मजार तोड़ी जा रही है. वह तुरंत देवरिया पहुंची. उसने अपनी कहानी भी बताई.

बेटे के लिए मांगी थी मन्नत

देवरिया शहर की रहने वाली रानी तिवारी ने बताया कि 12 साल पहले उन्होंने यहां मन्नत मांगी थी, कि उन्हें लड़का नहीं हो रहा था. लड़का होने पर चादर चढ़ाएगी. डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था. इसके बाद उन्हें एक बेटा पैदा हुआ, लेकिन वह मन्नत पूरी होने के बाद भी यहां नहीं आ सकी थी. जैसे ही उसकी खबर टूटने की जानकारी हुई तो वह महिला गोरखपुर में रह रही थी और वह मंगलवार को दिन में पूजा करने के लिए पहुंची चादर का पैसा कमिटी को दिया.

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महिला अपने बेटे के साथ पहुंची थी और काफी भावुक थी उसने बताया कि कहीं यह मजार टूट गया होता तो उसके दिल में कसक रह जाती उसके बेटे के साथ कोई अनहोनी होती तो वह हमेशा के लिए अपने को माफ नहीं कर पाती इसलिए वह आज आई थी.

सरकारी जमीन पर बने होने का दावा

यहां बता दें कि यह माजर रेलवे ओवरबृज के पास सरकारी बंजर जमीन पर बनाई गयी थी. जिसके बाद एसडीएम कोर्ट ने इसे हटाने के आदेश दिए,जिस पर स्थानीय प्रशासन की टीम ने बुलडोजर के साथ मजार को हटाने की कार्रवाई शुरू की. 2019 में इसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गयी थी कि मजार अवैध रूप से बनाई गयी है.