देहरादून से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुणे के मशहूर केतन अग्रवाल हत्याकांड की याद दिला दी है. यहां भी एक युवक को कथित तौर पर उसकी गर्लफ्रेंड और उसके प्रेमी ने इतना मानसिक रूप से प्रताड़ित किया कि उसने आखिरकार जान दे दी.

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मृतक की पहचान पुष्पेंद्र कुमार के तौर पर हुई है, जो कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर की गाड़ी चलाने का काम करता था. 16 जून को उसने देहरादून में अपने किराए के कमरे में फांसी लगा ली थी. अब इस मामले में मृतक के भाई आशीष कुमार की शिकायत पर मध्य प्रदेश की रहने वाली अंजीना सलाम और उसके प्रेमी अलकेश कावडे के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

सुसाइड से पहले मृतक ने कागज पर लिखी अपनी पीड़ा

आशीष कुमार का कहना है कि सुसाइड से पहले उनके भाई ने एक कागज पर अपनी पूरी पीड़ा लिख दी थी, जो अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. इस घटना की पहली सूचना पुष्पेंद्र के साथ कमरे में रहने वाले उसके दोस्त सुजित ने ही परिवार को दी थी. हालांकि भाई का आरोप है कि सुजित को भी इस पूरे मामले की जानकारी पहले से थी, फिर भी उसने यह बात परिवार से छिपाकर रखी.

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दस साल से देहरादून में था पुष्पेंद्र मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के धौलरी गांव का रहने वाला पुष्पेंद्र कुमार बीते करीब दस वर्षों से देहरादून में रहकर रोजी-रोटी कमा रहा था. वह कृषि विभाग के एक अधिकारी की गाड़ी चलाता था. रहने के लिए उसने शास्त्रीनगर इलाके में रूमा साहू के मकान में एक कमरा किराए पर लिया हुआ था.

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पुलिस ने नोट कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा

16 जून 2026 की दोपहर लगभग 12 बजे पुष्पेंद्र के भाई आशीष कुमार के पास मुजफ्फरनगर के ही रहने वाले सुजित का फोन आया. सुजित, जो पुष्पेंद्र के साथ ही देहरादून में रह रहा था, उसने बताया कि पुष्पेंद्र ने कमरे के भीतर फांसी लगा ली है. यह खबर सुनते ही परिवार वाले तुरंत देहरादून पहुंचे. 17 जून को पोस्टमॉर्टम होने के बाद शव को पैतृक गांव ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया.

सुसाइड नोट से राज के पर्तें अंतिम संस्कार और तेरहवीं की रस्मों के बाद खुले, जब भाई आशीष कुमार ने मौत के पीछे की वजह तलाशनी शुरू की, जिसमें कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आईं. उनके मुताबिक, पुष्पेंद्र ने सुसाइड से पहले एक कागज पर अपने साथ हुई पूरी प्रताड़ना का ब्योरा लिख रखा था. पुलिस ने यह नोट अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है.

प्रेमिका के बार-बार जाने समारने की धमकी के चलते किया सुसाइड

प्जांच में सामने आया कि पुष्पेंद्र का मध्य प्रदेश के बैतूल की रहने वाली अंजीना सलाम, जिसे अंजू भी कहा जाता था, से प्रेम संबंध चल रहा था. 24 मई को वह मुजफ्फरनगर में सुजित के बेटे की बर्थडे पार्टी में भी पहुंची थी, जहां पुष्पेंद्र भी मौजूद था. इसके बाद दोनों लगभग एक हफ्ते तक देहरादून के उसी कमरे में साथ रहे, और 28 मई को अंजीना वापस मध्य प्रदेश लौट गई.

आरोप है कि लौटने के बाद अंजीना सलाम और उसका दूसरा प्रेमी अलकेश कावडे फोन पर पुष्पेंद्र को बार-बार परेशान करने लगे और उसे जान से मारने की धमकियां देने लगे. इस लगातार मानसिक दबाव से टूटकर ही पुष्पेंद्र ने यह कदम उठाया. 

रूम पार्टनर सुजित पर मृतक के भाई ने उठाए गंभीर सवाल

 मृतक के भाई आशीष कुमार ने पुष्पेंद्र ने रूम पार्टनर सुजित पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि सुजित को अंजीना और अलकेश की हरकतों के बारे में सब कुछ पहले से पता था, लेकिन उसने यह अहम जानकारी परिवार से छिपा कर रखी, जिससे शायद समय रहते कुछ किया जा सकता था.

पुलिस में दर्ज हुआ मामला परिवार की लिखित शिकायत पर देहरादून के बसंत विहार थाने में 22 जून 2026 की रात 11:39 बजे एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस ने आरोपी अंजीना सलाम और अलकेश कावडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है. जांच की जिम्मेदारी एसआई सुनील नेगी को सौंपी गई है, जो सुसाइड नोट की फॉरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रहे हैं.

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