देहरादून में लंबे समय से चल रहे अंडरग्राउंड केबलिंग कार्य के कारण शहरवासियों को हो रही परेशानियों को देखते हुए अब सरकार ने नई रणनीति लागू करने का फैसला किया है. मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में ऊर्जा विभाग और जिला प्रशासन के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि काम की गति बढ़ाते हुए इसे जून तक हर हाल में पूरा किया जाए.
पहले एक क्षेत्र में ब्लैक टॉपिंग का काम होगा पूरा
बैठक में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि शहर में कई स्थानों पर एक साथ खुदाई किए जाने के कारण सड़कों की स्थिति खराब हो गई है, जिससे आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसे देखते हुए मुख्य सचिव ने कार्य प्रणाली में बदलाव के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अब पूरे शहर में एक साथ काम शुरू करने के बजाय सीमित स्थानों पर काम किया जाए और उसे पूरी तरह समाप्त करने के बाद ही अगले क्षेत्र में कार्य शुरू किया जाए.
नई रणनीति के तहत पहले एक क्षेत्र में खुदाई, केबल बिछाने और उसके बाद सड़क की मरम्मत यानी ब्लैक टॉपिंग का काम पूरी तरह खत्म किया जाएगा. इसके बाद ही दूसरे स्थान पर काम शुरू होगा. इस प्रक्रिया से जहां काम की गुणवत्ता बेहतर होगी, वहीं लोगों को बार-बार की असुविधा से भी राहत मिलेगी.
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सभी संसाधनों को सीमित स्थान पर केंद्रित करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने पिटकुल के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी संसाधनों और श्रमिकों को एक समय में सीमित स्थान पर केंद्रित किया जाए, ताकि कार्य तेजी से पूरा हो सके. उन्होंने साफ कहा कि बिना पहले चरण का काम पूरा किए दूसरे चरण की अनुमति नहीं दी जाएगी.
इस परियोजना की निगरानी को भी सख्त बनाया गया है. जिलाधिकारी सविन बंसल को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर सप्ताह इस कार्य की समीक्षा करें और जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें. साथ ही पिटकुल को जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने के लिए कहा गया है, ताकि किसी भी तरह की बाधा को समय रहते दूर किया जा सके.
इस पूरे कार्य के लिए जून तक की समयसीमा
सरकार ने इस पूरे कार्य के लिए जून माह की समयसीमा तय की है. इसमें सड़कों की खुदाई, अंडरग्राउंड केबलिंग और उसके बाद ब्लैक टॉपिंग जैसे सभी चरण शामिल हैं. यह भी ध्यान रखा गया है कि मानसून शुरू होने से पहले यह काम पूरा हो जाए, क्योंकि बारिश के दौरान खुदी सड़कों से स्थिति और खराब हो सकती है.
बैठक में अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे और सभी ने इस परियोजना को तय समय में पूरा करने पर जोर दिया. यह नई रणनीति न केवल कार्य में तेजी लाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि इससे शहरवासियों को राहत मिलने की भी उम्मीद है. कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम देहरादून की सड़कों को बेहतर बनाने और यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है.
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