उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की रविवार को आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में देहरादून पुलिस और UKSSSC ने देर रात प्रेस वार्ता कर पूरी घटना का खुलासा किया. आयोग और पुलिस का स्पष्ट कहना है कि पेपर का केवल एक सेट हरिद्वार के एक परीक्षा केंद्र से लीक हुआ था, जो एक अभ्यर्थी के लिए था.
इसके पीछे कोई संगठित गिरोह या बड़ा रैकेट शामिल नहीं पाया गया, इसलिए पूरी परीक्षा के लीक होने का कोई सवाल ही नहीं उठता. UKSSSC के अनुसार, पेपर का एक हिस्सा केवल कुछ व्यक्तियों के बीच सर्कुलेट हुआ, न कि सभी अभ्यर्थियों तक पहुंचा.
खालिद है मास्टरमाइंड की भूमिका
प्रेस वार्ता में देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि जांच में मास्टरमाइंड के रूप में खालिद मालिक की भूमिका सामने आई है, जो खुद हरिद्वार के एक केंद्र में परीक्षा देने बैठा था. खालिद की बहन हिना मलिक और एक सहायक प्रोफेसर सुमन भी इसमें शामिल हैं. आशंका है कि खालिद के लिए ही पेपर लीक कराया गया, ताकि परीक्षा केंद्र से सवालों के जवाब पहुंचाए जा सकें. केंद्र से खालिद ने बहन हिना को स्क्रीनशॉट भेजे, जिन्होंने प्रोफेसर सुमन तक पहुंचाया और जवाब मांगे. सुमन ने उत्तर भेज दिए, लेकिन बाद में शक होने पर पुलिस जाने लगीं. हालांकि, बेरोजगार संघ के पूर्व नेता बॉबी पवार ने उन्हें रोका और स्क्रीनशॉट को सोशल मीडिया पर वायरल कर सनसनी फैला दी.
खालिद के नेटवर्क की तलाश शुरू
रायपुर थाने में नकल विरोधी कानून (उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम 2023 की धारा 12(3)) के तहत मुकदमा दर्ज हो चुका है. खालिद और उसके संपर्कों की तलाश के लिए विशेष जांच दल (STF) गठित किया गया है, जो संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रहा है. एसएसपी ने कहा कि एक-दो दिनों में खालिद गिरफ्त में होगा. तीन प्रमुख कड़ियां—खालिद, हिना और सुमन का खुलासा हो चुका है. सुमन साजिश की शिकार हुईं या शामिल रहीं, यह खालिद से पूछताछ पर साफ होगा.
मोबाइल जैमर के बावजूद पेपर लीक पर सवाल
घटना सबसे ज्यादा सवाल उठा रही है कि हरिद्वार केंद्र पर मोबाइल जैमर लगे होने के बावजूद पेपर के स्क्रीनशॉट कैसे लीक हुए? परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन दोपहर 1:30 बजे सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल हो गए, जिनमें 11:30 बजे लीक होने का दावा था. पुलिस की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि ये तस्वीरें सबसे पहले टिहरी की प्रोफेसर सुमन तक पहुंचीं. सुमन ने पूछताछ में बताया कि 2018 में टैक्स इंस्पेक्टर के रूप में उनकी मुलाकात खालिद से हुई थी, जो CPWD में JE थे. खालिद ने अपनी बहन हिना को अभ्यर्थी बताकर उत्तर मांगे, जिसे सुमन ने फोटो के जरिए भेज दिया.
OMR शीट दिखने पर शक हुआ, तो उन्होंने बॉबी पवार को बताया. पवार ने सुमन को पुलिस न जाने की सलाह दी और स्क्रीनशॉट वायरल करने को कहा, जो जांच में प्रणाली को बदनाम करने की साजिश का शक पैदा कर रहा है.
UKSSSC अध्यक्ष ने जैमर की नाकामी को गंभीर लापरवाही बताया और केंद्र कर्मियों की संलिप्तता की आशंका जताई. जांच में तकनीकी खामियों पर फोकस है.
हाकम और पंकज गिरफ्तार
इस बीच पहले से गिरफ्तार हाकम सिंह (2022 पेपर लीक आरोपी) और उसके सहयोगी पंकज गौर को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. दोनों पर 12-15 लाख रुपये की रिश्वत लेकर 'सॉल्व्ड पेपर' देने का आरोप है. पुलिस पुराने नेटवर्क की तलाश में जुटी है, जिसमें 2022 के पूर्व परीक्षा नियंत्रक, सेक्शन ऑफिसर आदि शामिल थे. सभी 13 महीने जेल काटने के बाद जमानत पर थे, अब STF की रडार पर हैं.
एसएसपी सिंह ने युवाओं से अपील की कि परीक्षा की शुचिता बरकरार है, यह व्यक्तिगत मामला है. बहकावे में न आएं, कानून व्यवस्था प्रभावित न करें. सोमवार तक पूरा घटनाक्रम स्पष्ट हो जाएगा.