Dehradun News: टिकट बुकिंग के नाम पर 1.65 लाख की ठगी, ट्रैवल एजेंसी के 7 लोगों पर FIR दर्ज
Dehradun News In Hindi: नवीन शर्मा ने कंपनी से बात की और धोखाधड़ी की शिकायत की, तो कंपनी के मैनेजर कौशल कुमार राय और डायरेक्टर राजेन्द्र राजपूत ने पूरी रकम वापस करने का आश्वासन दिया.

उत्तराखंड के देहरादून के बसंत विहार इलाके में रहने वाले नवीन कुमार शर्मा के साथ टिकट बुकिंग के नाम पर 1 लाख 65 हजार की ठगी हो गई. पीड़ित के अनुसार इथियोपियन एयरलाइंस की टिकट बुक कराने के लिए नोएडा-दिल्ली की एक कंपनी को उनके द्वारा एक लाख पैंसठ हजार रुपये दिए गए. जिसके बदले में टिकट तो मिली, लेकिन वह फर्जी निकली और फिर शुरू हुआ वादों, बहानों और स्विच-ऑफ फोन का वह सिलसिला.
नवीन कुमार शर्मा, देहरादून के बसंत विहार स्थित न्यू फारेस्ट इलाके में रहते हैं. उन्होंने मैसर्स आदिगुरु ट्रेवल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नोएडा (जिसका पता चाणक्य पुरी, नई दिल्ली भी बताया गया है) के माध्यम से एक इथियोपियन एयरलाइंस की टिकट बुक कारवाई. इसके लिए उन्होंने कंपनी के बैंक खाते से एक लाख पैंसठ हजार रुपये जमा कराए. कंपनी की ओर से उन्हें एक टिकट दी गई जिसका PNR नंबर UQTJKD था. लेकिन जब उन्होंने इस PNR को verify करने की कोशिश की तो पता चला कि यह टिकट फर्जी है.
आश्वासन मिला, पैसे नहीं लौटे
जब नवीन शर्मा ने कंपनी से बात की और धोखाधड़ी की शिकायत की, तो कंपनी के मैनेजर कौशल कुमार राय और डायरेक्टर राजेन्द्र राजपूत ने पूरी रकम वापस करने का आश्वासन दिया. लेकिन यह महज खानापूर्ति थी. वापस मिले सिर्फ पाँच हजार रुपये. बाकी एक लाख साठ हजार रुपये के लिए जब-जब फोन किया गया, तब तब जवाब मे नवीन को बस आश्वासन दिया गया. धीरे-धीरे कंपनी के सभी प्रमुख नंबर एक-एक कर स्विच ऑफ होने लगे. जिसके बाद नवीन को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ.
कंपनी के सात लोगों पर FIR
नवीन शर्मा ने विभिन्न माध्यमों से शिकायत करने की कोशिश की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. अंततः पीड़ित द्वारा थाना बसंत विहार, देहरादून के थाना अध्यक्ष को लिखित तहरीर दी गई. इस FIR में कंपनी के सात लोगों को आरोपी बनाया गया है, मैनेजर कौशल कुमार राय, डायरेक्टर राजेन्द्र राजपूत, करन गुप्ता, आशीष कुमार राय, सुरेश कुमार वशिष्ठ, अर्पणा कौशिक और टीम लीडर राहुल शर्मा. ये सभी मैसर्स आदिगुरु ट्रेवल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े हैं. मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 316(2) धोखाधड़ी और धारा 318(4) छल-कपट के तहत दर्ज किया गया है. जांच की जिम्मेदारी उप-निरीक्षक विनय प्रसाद भट्ट को सौंपी गई है.
ट्रैवल एजेंसी फ्रॉड- एक बड़ी समस्या
यह मामला कोई इकलौता नहीं है. देश भर में हर साल हजारों लोग नकली या अनधिकृत ट्रैवल एजेंसियों के हाथों अपनी मेहनत की कमाई गंवा देते हैं. ये एजेंसियाँ अक्सर एक चमकदार ऑफिस, शानदार वेबसाइट और फर्राटेदार बातचीत के बल पर भरोसा जीत लेती हैं. कभी सस्ती टिकट का लालच, कभी वीजा गारंटी, कभी पैकेज डील-तरीके बदलते हैं पर शिकार एक ही रहता है. इस मामले में एक और बात गौर करने वाली है, कंपनी का पता नोएडा और चाणक्य पुरी दोनों जगह बताया गया. यह खुद में संदेह पैदा करता है.
क्या सावधानी बरतें?
किसी भी ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से टिकट बुक कराने से पहले यह जरूर जाँचें कि वह एजेंसी IATA (International Air Transport Association) से मान्यता प्राप्त है या नहीं. एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर PNR नंबर की पुष्टि करना आज के जमाने में कुछ मिनटों का काम है,और यही काम एक लाख रुपये बचा सकता है. इसके अलावा, कभी भी किसी एजेंसी के निजी बैंक खाते में पैसे न भेजें, हमेशा UPI या क्रेडिट कार्ड से भुगतान करें ताकि विवाद की स्थिति में पैसे वापस पाने का रास्ता खुला रहे.
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Source: IOCL

























