बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति यानी BKTC इन दिनों एक अलग ही विवाद में घिरी हुई है. मामला गैर-सनातनियों के मंदिर प्रवेश पर बैन के फैसले से शुरू हुआ, लेकिन देखते-देखते यह विवाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की चारदीवारी से निकलकर पुलिस थाने तक जा पहुँचा. BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और पत्रकार दीप मैठाणी के बीच ठनी यह लड़ाई अब सिर्फ शब्दों तक नहीं रही. इस मामले में देहरादून के डालनवाला थाने में मुकदमा दर्ज हो चुका है.
दरअसल, यह पूरा विवाद 17 मार्च 2026 है. BKTC ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी जिसमें गैर-सनातनियों के मंदिर प्रवेश पर प्रतिबंध के फैसले को लेकर जानकारी दी जानी थी. इसी दौरान पत्रकार दीप मैठाणी ने अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी से सवाल किया कि बिना शासन की मंजूरी और बिना उप-नियम बनाए यह बैन किस आधार पर लगाया गया? सवाल सुनते ही माहौल गरमा गया. अध्यक्ष और पत्रकार के बीच तीखी नोक झोक हुई और कॉन्फ्रेंस हॉल में तनाव का माहौल बन गया.
BKTC का आरोप- नशे में बाधित की प्रेस कॉन्फ्रेंस
प्रेस कॉन्फ्रेंस के तीन दिन बाद यानी 20 मार्च को BKTC अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल ने डालनवाला थाने में तहरीर दी. समिति की तरफ से तहरीर में कहा गया कि दीप मैठाणी उस दिन शराब के नशे में प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए थे और जानबूझकर अनर्गल सवाल पूछकर कार्यक्रम को बाधित करने की कोशिश की.
तहरीर के मुताबिक, बाद में उन्होंने (दीप मैठाणी) फेसबुक पर अध्यक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक और अमर्यादित पोस्ट भी की, जिसका मकसद BKTC और उसके अध्यक्ष की छवि को धूमिल करना और आम जनता को भ्रमित करना था. पुलिस को शिकायत के साथ फेसबुक पोस्ट के स्क्रीनशॉट और लिंक भी सौंपे गए हैं.
पत्रकार ने बताया धारा 25 का उल्लंघन, कहा- बिना नियम के कैसा बैन?
वहीं, दूसरी तरफ दीप मैठाणी ने अपनी फेसबुक पोस्ट और वीडियो के जरिए कहा कि उनका सवाल न तो अनर्गल था और न ही बेबुनियाद. मैठाणी के मुताबिक BKTC की अपनी नियमावली की धारा 25 यह कहती है कि किसी भी नियम में बदलाव के लिए पहले उप-नियम बनाने होंगे, फिर उसका प्रारूप शासन को भेजा जाएगा और शासन की मंजूरी मिलने के बाद ही वह नियम लागू माना जाएगा.
पत्रकार का सवाल था कि इस पूरी कानूनी प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए अध्यक्ष ने आखिर किस अधिकार से यह बैन थोप दिया? पत्रकार का कहना है कि जब यह वैध सवाल पूछा गया तो अध्यक्ष भड़क गए और उल्टे पत्रकारों को ही संविधान पढ़ने की नसीहत देने लगे. फिलहाल, डालनवाला पुलिस ने BKTC की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है.
