देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIVH) में दृष्टि दिव्यांग छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन शुक्रवार (7 अगस्त) को चौथे दिन भी जारी रहा. प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि संस्थान में लंबे समय से स्थायी निदेशक की नियुक्ति नहीं होने के कारण उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है. उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

Continues below advertisement

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि स्थायी निदेशक के अभाव में संस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई है. उनका कहना है कि शिकायतों का समय पर निस्तारण नहीं हो रहा और उन्हें लगातार सिर्फ आश्वासन मिल रहा है. छात्रों के मुताबिक, उनकी समस्याओं को सुनने और समाधान करने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी आगे नहीं आ रहा, जिसके चलते उन्हें आंदोलन करना पड़ रहा है.

मोहन भागवत के आरक्षण वाले बयान पर अखिलेश का जिक्र कर चंद्रशेखर बोले- क्या वो सक्षम नहीं थे?

Continues below advertisement

डिस्पेंसरी में दुर्व्यवहार का भी आरोप

छात्राओं ने संस्थान की डिस्पेंसरी में इलाज के दौरान कथित दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया है. उनका कहना है कि उपचार के दौरान उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया गया. छात्रों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

भोजन की गुणवत्ता और किताबों की कीमत पर भी सवाल

प्रदर्शनकारी छात्रों ने हॉस्टल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि खाने की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है. साथ ही पढ़ाई के लिए जरूरी किताबों की बढ़ती कीमतों से आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है.

‘मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा’

छात्रों का कहना है कि वे पिछले चार दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है. उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.

यूपी चुनाव 2027 से पहले RLD को बड़ा झटका, जयंत चौधरी के करीबी ने छोड़ी पार्टी