उत्तराखंड एसटीएफ को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. देहरादून में चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत एसटीएफ ने गोवा में सक्रिय ‘सेक्सटॉर्शन’ रैकेट के फरार सरगना को गिरफ्तार कर लिया है. यह कार्रवाई उत्तराखंड एसटीएफ और गोवा पुलिस की संयुक्त पहल का परिणाम है, जिसमें लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार दबोच लिया गया.

Continues below advertisement

गिरफ्तार अभियुक्त पर आरोप है कि वह एक संगठित गिरोह का हिस्सा था, जो ‘सेक्सटॉर्शन’ के जरिए अमीर और प्रतिष्ठित लोगों को निशाना बनाता था. जानकारी के अनुसार, यह गिरोह महिलाओं का इस्तेमाल कर पहले अपने शिकार को जाल में फंसाता था और फिर अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था. इसके बाद खुद को दिल्ली नारकोटिक्स ब्यूरो का अधिकारी बताकर पीड़ितों को धमकाया जाता था और उनसे करोड़ों रुपये की उगाही की जाती थी.

यह भी पढ़ें: फाल्टा में बीजेपी की जीत पर सपा अचरज में! अखिलेश यादव के प्रवक्ता ने कहा- 70 से 75 साल में BJP...

Continues below advertisement

मुंबई के कारोबारी को बनाया था निशाना 

यह मामला गोवा के मापुसा थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था, जहां एक मुंबई के कारोबारी को इस गैंग ने अपने जाल में फंसाया। गिरोह ने एक विला किराए पर लेकर उसमें गुप्त कैमरे लगाए थे. महिला साथी के माध्यम से कारोबारी को वहां बुलाया गया और फिर योजना के तहत अन्य आरोपी वहां पहुंचे. खुद को नारकोटिक्स विभाग का अधिकारी बताकर उन्होंने पीड़ित को बंधक बना लिया, उसके साथ मारपीट की और उसकी प्रतिष्ठा खराब करने की धमकी देकर मोटी रकम वसूल ली.

घटना के बाद पीड़ित द्वारा शिकायत दर्ज कराने पर गोवा पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और गिरोह के कुछ सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. हालांकि, इस गैंग का सरगना घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था. उसकी तलाश में कई बार दबिश दी गई, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देने में सफल रहा.

नेहरु कालोनी से हुए गिरफ्तार  

आखिरकार गोवा पुलिस ने उत्तराखंड एसटीएफ से संपर्क किया. एसटीएफ ने तकनीकी और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर देहरादून के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गोवा पुलिस को सौंप दिया गया है.

कई और राज्यों में भी की है वारदात 

पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में इसी तरह की कई घटनाओं को अंजाम दे चुका है. पुलिस अब आरोपी के आपराधिक इतिहास और उसके नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग अभी कहां सक्रिय हैं.

उत्तराखंड एसटीएफ का कहना है कि राज्य को अपराधियों की सुरक्षित पनाहगाह नहीं बनने दिया जाएगा. अन्य राज्यों के फरार अपराधियों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी. इस सफलता को अंतरराज्यीय अपराधों के खिलाफ पुलिस की सख्त और समन्वित रणनीति का अहम उदाहरण माना जा रहा है.

यह भी पढ़ें: UP Politics: बीजेपी के इन विधायकों ने बदलना चाहा पाला तब भी सपा में शामिल नहीं करेंगे अखिलेश यादव? खुद बताई वजह