देहरादून के चकराता रोड स्थित पथरीबाग की ओम सिटी सोसाइटी में सोमवार को उस वक्त कोहराम मच गया, जब 11,000 वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से पांच बिजली कर्मचारी बुरी तरह झुलस गए. इनमें से उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के रहने वाले उमेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि बाकी चार कर्मचारियों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है.

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दरअसल, रविवार को आई तेज आंधी और हवा ने घंटाघर से बल्लूपुर चौक और ओम सिटी सोसाइटी तक की बिजली लाइन में फॉल्ट पैदा कर दिया. इस खराबी को दूर करने के लिए पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) के तहत काम कर रही एक निजी कंपनी के ठेकेदार ने अपने कर्मचारियों को मौके पर भेजा.

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बिना शटडाउन कर्मचारी सुधारने लगे बिजली

नियमों के मुताबिक किसी भी हाईटेंशन लाइन के पास काम शुरू करने से पहले UPCL से बाकायदा शटडाउन लेना जरूरी होता है, ताकि लाइन में बिजली प्रवाह बंद रहे. लेकिन यहां इन सभी बातों को दरकिनार किया गया, न तो शटडाउन लिया गया और न ही बिजली विभाग के किसी अधिकारी को खबर की गई.

हाईटेंशन लाइन से खंभे में उतरा करंट

बताया गया कि ओम सिटी में जहां काम हो रहा था, उसके महज 100 मीटर के दायरे में दो बिजली के खंभे पहले से खड़े थे और उनसे 11 हजार वोल्ट की लाइन गुजर रही थी. इन्हीं दो खंभों के बीच कर्मचारी तीसरा नया खंभा खड़ा करने में कर्मचारी जुटे थे. कर्मचारियों ने जैसे ही खंभे को ऊपर उठाया गया, वो पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से छू गया. इससे खंभे को थामे खड़े पांचों कर्मचारी एक झटके में इसकी चपेट में आ गए और चीखते-चिल्लाते जमीन पर गिर पड़े.

यूपी के उमेश की करंट लगने से मौत

करंट का वो झटका इतना जानलेवा था कि अमरोहा निवासी उमेश को बचाने का मौका ही नहीं मिला उन्होंने वहीं तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया. झुलसे बाकी चार कर्मचारियों में पप्पू और जसमान का नाम सामने आया है. इन्हें तुरंत पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है.

पुलिस ने परिजनों को सौंपा शव

एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि अस्पताल से सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. मृतक उमेश का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम कराया गया और शव को अमरोहा से आए परिजनों को सौंप दिया गया. वहीं, इस बड़े हादसे के बाद बिजली विभाग और निजी कंपनी दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपते नजर आ रहे हैं. 

जिम्मेदारों ने झाड़ा पल्ला

ठेकेदार विवेक कुमार का कहना है कि रविवार को काम होना ही नहीं था, कर्मचारियों ने खुद काम क्यों शुरू किया यह उन्हें नहीं पता. वहीं RDSS के अधिशासी अभियंता अंकित जैन ने साफ कह दिया कि उन्हें इस काम की कोई जानकारी नहीं थी और न ही कोई शटडाउन मांगा गया था. उनके मुताबिक कर्मचारी ठेकेदार के अधीन काम करते हैं, इसलिए जिम्मेदारी भी उसी की है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

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