Dehradun News: नगर निगम की जमीन दिलाने के नाम पर 75 लाख की ठगी, BJP की पूर्व पार्षद और पति पर FIR
Dehradun News In Hindi: राकेश तिनका और नीतू वाल्मीकि ने पर्व वालिया से अलग-अलग समय पर, किश्तों में पैसे लिए. कुल मिलाकर यह रकम 70 से 75 लाख रुपये के करीब पहुंच गई. जिसके बाद अब इंकार कर रहे.

उत्तराखंड के देहरादून में रायपुर इलाके में रहने वाले पर्व वालिया ने बीजेपी के पूर्व पार्षद पर धोखाधड़ी कर 75 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगाया गया है. पर्व वालिया, जो बद्रीपुर जोगीवाला हरिद्वार रोड, देहरादून के निवासी हैं, उन्होंने राकेश बाल्मीकि उर्फ 'तिनका' और उनकी पत्नी नीतू बाल्मीकि जो बीजेपी की पूर्व पार्षद रह चुकी हैं, से संपर्क किया.
इन दोनों ने पर्व वालिया को नगर निगम की जमीन को एलॉट करने का सपना दिखाया. बातचीत के दौरान यह भरोसा दिलाया गया कि नीतू बाल्मीकि खुद पार्षद रह चुकी हैं. इसलिए यह जमीन सीधे उन्हीं के नाम पर दर्ज करवा दी जाएगी ,और पैसे बाद में धीरे-धीरे चुकाने होंगे.
किश्तों में लिए गए धोखे से पैसे
राकेश तिनका और नीतू वाल्मीकि ने पर्व वालिया से अलग-अलग समय पर, किश्तों में पैसे लिए. कुल मिलाकर यह रकम 70 से 75 लाख रुपये के करीब पहुंच गई. इतनी बड़ी रकम एकमुश्त नहीं दी जाती, यही इस ठगी की चालाकी थी हर बार थोड़ा-थोड़ा, ताकि भरोसा बना रहे और शक न हो.
जब पर्व वालिया ने जमीन की असलियत जानने की कोशिश की, तब जाकर मामले से पर्दा उठा. न कोई एलॉटमेंट हुआ था, न कोई कागज तैयार था. नगर निगम की वह जमीन जो एलॉट हो रही थी, असल में कभी इन लोगों की पहुंच में थी ही नहीं. पर्व वालिया ने जब पैसे वापस मांगे, तो शुरू हुआ एक नया खेल.
SC/ST एक्ट में फंसाने की धमकी
पैसे वापस मांगने पर राकेश बाल्मीकि ने जो जवाब दिया वह हैरान कर देने वाला था. पैसे देने के बजाय उन्होंने पर्व वालिया को SC एक्ट में फंसाने की धमकी दी. उनका कहना था कि सरकार और पुलिस हमारे साथ है, जो हम बोलेंगे, वही होगा.
पीड़ित के अनुसार यह कोई खाली बात नहीं लगती थी. राकेश वाल्मीकि के पास प्रधानमंत्री के सलाहकार, PS और तमाम VVIP के साथ खिंची हुई तस्वीरे भी थीं, जिन्हें वे बड़े गर्व से दिखाते थे. पहले इन्हीं तस्वीरों के दम पर लोगों को बेवकूफ बनाया, फर्जी जमीन दिखाई गई और जब पैसे माँगे तो SC एक्ट, सरकार और बीजेपी नेताओं का खौफ दिखाकर चुप कराने की कोशिश की गई.
समझौते के नाम पर हुई टाल-मटोल
पर्व वालिया ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके जानने वाले कुछ लोगों ने बीच-बचाव किया और इन दोनों पक्षों के बीच रायपुर थाने में एक समझौता नामा तैयार हुआ. इस समझौते में 42.50 लाख रुपये दो महीने में वापस करने की बात लिखी गई. समझौते की मूल प्रति थाने में रखी गई और फोटोकॉपी पर पर्व वालिया के हस्ताक्षर हैं. लेकिन तब से लगभग चार से पांच महीने बीत चुके हैं.
पीड़ित पूर्व वालिया ने बताया कि राकेश तिनका न तो पैसे दे रहा है और न ही थाने में हाजिर हो रहा है. हर बार यही कहता है कि ऊपर तक पहुँच है इसलिए कुछ नहीं होगा. इसी बीच पर्व वालिया की मां का कैंसर की बीमारी का इलाज मेदांता में चल रहा है, जिस पर भारी खर्च हो रहा है.
FIR दर्ज, जांच शुरू
इस मामले मे थाना रायपुर, देहरादून में प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज की गई है. पर्व वालिया ने अपनी तहरीर में यह भी स्पष्ट किया है कि ये दोनों पहले से भी कई लोगों के साथ इसी तरह की ठगी कर चुके हैं. जमीन का झांसा, नेताओं और VIP के साथ फोटोज का प्रदर्शन, और जब पैसे माँगो तो SC एक्ट की धमकी यह एक पैटर्न है, एकमुश्त घटना नहीं. जो लोग इन्हें जानते हैं, उनसे भी संपर्क हुआ था, लेकिन राकेश तिनका ने समझौता करने के बाद भी धोखा दिया.
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