उत्तराखंड के देहरादून में रायवाला थाना क्षेत्र से दहेज उत्पीड़न और हत्या का मामला सामने आया है. खदरी रोड श्यामपुर, ऋषिकेश निवासी वेदपाल सिंह ने अपने दामाद विक्की, समधी रविन्द्र सिंह और समधन गुड्डी देवी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है. आरोप है कि तीनों ने मिलकर साजिश रचते हुए उनकी बेटी मेघा को जहर देकर मार डाला.
वेदपाल सिंह की बेटी मेघा की शादी विक्की से हुई थी, जो मूल रूप से बिजनौर जिले के थाना मंडावर अंतर्गत गंजालपीर गांव का रहने वाला है. शादी को अभी केवल साढ़े तीन साल ही हुए थे कि दहेज की मांग ने उस घर की खुशियां छीन लीं. वेदपाल के मुताबिक शादी के बाद से ही विक्की, उसकी मां गुड्डी देवी और बाप रविन्द्र सिंह मेघा को दहेज के लिए लगातार तंग करते थे, मारपीट करते थे. हालात इतने बिगड़े कि मेघा को कई बार घर से निकाल तक दिया गया.
कई बार हुआ समझौता
बेटी की तकलीफ देख वेदपाल ने कई बार बीच-बचाव करवाया, समझौता हुआ, मामला रफा-दफा हुआ. लेकिन हर बार सुकून बस कुछ दिनों का मेहमान ही रहा. हालात सुधरें इस उम्मीद में वेदपाल ने अपनी बेटी को छिद्दरवाला में किराये के मकान में रखा और दामाद विक्की को काम भी दिलवाया, ताकि घर चले, ज़िंदगी पटरी पर आए. मगर इससे भी कुछ नहीं बदला. विक्की शराब पीकर मेघा के साथ मारपीट करता रहा और माँ-बाप व बहनों के उकसावे पर और भी बेरहम होता गया.
वो रात जब बेटी ने कहा- ‘पापा, जल्दी आ जाओ’
28 मार्च 2026 को शनिवार की रात करीब साढ़े आठ बजे वेदपाल ने बेटी को बस हालचाल पूछने के लिए फोन किया. फोन उठा तो दूसरी तरफ से सिसकियाँ आईं. मेघा रो-रोकर बस इतना कह पाई, ‘पापा, जल्दी आ जाओ.’ वेदपाल बिना एक पल गंवाए छिद्दरवाला पहुंचे. वहां जो मंज़र देखा, वो किसी बाप के लिए बर्दाश्त से बाहर था. मेघा चौखट पकड़कर खड़ी थी, हालत बेहद खराब थी. वेदपाल फौरन उसे एम्बुलेंस से सरकारी अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने बताया कि मेघा को जहर दिया गया है. गंभीर हालत देखते हुए उसे तुरंत एम्स रेफर कर दिया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. एम्स में मेघा ने दम तोड़ दिया.
जहर देने का आरोप
वेदपाल ने तहरीर में साफ लिखा है कि उनके दामाद विक्की, समधी रविन्द्र सिंह और समधन गुड्डी देवी ने मिलकर सोची-समझी साजिश के तहत मेघा को जहर देकर मारा है. उन्होंने मांग की है कि तीनों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए.
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
30 मार्च 2026 को लिखित तहरीर रायवाला थाने को मिली और शाम को FIR दर्ज कर ली गई. मामले में दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 व 4 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 80(2) के तहत मुकदमा कायम किया गया है. थाना प्रभारी की ओर से मामले की जांच उप पुलिस अधीक्षक नीरज सेमवाल को सौंपी गई है.
