उत्तरकाशी जनपद के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल क्षेत्र में एक महिला ट्रेकर के लापता होने की घटना ने प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. पिछले कुछ दिनों से जारी सर्च ऑपरेशन के बावजूद महिला का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है. इस घटना के बाद वन विभाग ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दयारा बुग्याल क्षेत्र में ट्रेकिंग गतिविधियों पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है.

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ट्रेकिंग के दौरान दयारा बुग्याल ट्रेक पर साथियों से बिछड़ी थी महिला

जानकारी के अनुसार, लापता महिला ट्रेकर अपने समूह के साथ दयारा बुग्याल ट्रेक पर गई थी. ट्रेकिंग के दौरान अचानक वह समूह से बिछड़ गई. साथियों द्वारा काफी खोजबीन करने के बाद जब महिला का कोई पता नहीं चला, तो इसकी सूचना प्रशासन को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस, वन विभाग, एसडीआरएफ और अन्य बचाव दलों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया.

बचाव दल लगातार दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों, जंगलों और आसपास के संभावित स्थानों पर खोजबीन कर रहे हैं. खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां सर्च ऑपरेशन में बड़ी बाधा बन रही हैं. इसके बावजूद टीमें दिन-रात महिला को ढूंढने में जुटी हुई हैं. ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का भी सहारा लिया जा रहा है ताकि खोज अभियान को तेज किया जा सके.

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मौसम अचानक बदल जाने के चलते ट्रैक से भटक जाते हैं ट्रेकर्स 

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दयारा बुग्याल क्षेत्र प्राकृतिक रूप से बेहद खूबसूरत होने के साथ-साथ संवेदनशील भी है. यहां मौसम अचानक बदल जाता है और कई जगह रास्ते स्पष्ट नहीं होते, जिससे ट्रेकर्स के भटकने का खतरा बना रहता है. इसी को देखते हुए फिलहाल ट्रेकिंग पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है, ताकि किसी और हादसे से बचा जा सके.

प्रशासन ने ट्रेकर्स और पर्यटकों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और बिना गाइड या पर्याप्त तैयारी के ऐसे ट्रेक पर न जाएं. साथ ही, समूह से अलग न होने और मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है.

दयारा बुग्याल का क्षेत्र जितना आकर्षक, उतना ही जोखिम भरा

स्थानीय लोगों का भी कहना है कि दयारा बुग्याल का क्षेत्र जितना आकर्षक है, उतना ही जोखिम भरा भी है. यहां पहले भी कई बार ट्रेकर्स के रास्ता भटकने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है.

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता महिला को सुरक्षित ढूंढना है. बचाव दल पूरी गंभीरता के साथ अभियान में जुटे हुए हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही महिला का पता चल सकेगा. वहीं, इस घटना ने ट्रेकिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता की जरूरत को एक बार फिर उजागर कर दिया है.

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