आगरा, नितिन उपाध्याय। आगरा का नगर निगम एक बार फिर भ्रष्टाचार की वजह से सुर्खियों में है। इस बार चिट्ठी लिखी है आगरा से ताल्लुक रखने वाले दोनों मंत्री उदयभान सिंह और जी एस धर्मेश ने, दोनों मंत्रियों ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को चिट्ठी लिखकर आगरा नगर निगम में तैनात वित्त और लेखाधिकारी पवन कुमार पर गम्भीर आरोप लगाए हैं। चिट्ठी में लिखा गया है कि किस तरह पवन कुमार रिश्वतखोरी और कमीशनखोरी की वजह से ठेकेदारों का उत्पीड़न कर रहे हैं। जिससे छवि खराब हो रही है ताकि पवन कुमार का स्थानान्तरण के साथ ही उचित कार्रवाई के लिए भी कहा गया है।
ये चिट्ठी एबीपी गंगा को मिलने के बाद आगरा नगर निगम में भ्रष्टाचार का जिन्न एक बार फिर उठ खड़ा हुआ है, क्योंकि 5 बार के विधायक रहे जगन प्रसाद गर्ग जिनका कुछ महीने पहले ही निधन हुआ था, उन्होंने नगर निगम में 27 प्रतिशत कमीशनखोरी की चिट्ठी लिखकर हड़कम्प मचा दिया था। तब भी नगर निगम सुर्खियों में रहा था और ऐसे में भ्रष्टाचार फैलने की बात फिर सुर्खियों में है।
इसको लेकर आरोपी अधिकारी पवन कुमार का कहना है कि कुछ महीने पहले वित्तीय स्थितियां गंभीर रही हैं, खर्चों के एवज में आय नगर निगम की कम हुई और इसी वजह से कुछ ठेकेदारों का भुगतान समय से नहीं हुआ और जिससे नाराज़ होकर ठेकेदारों ने मंत्रियों से शिकायत की और उन्होंने वित्त मंत्री को चिट्ठी लिखी। वहीं नगर निगम के मुखिया नवीन जैन जांच कराए जाने की बात कर रहे हैं और उनका कहना है कि जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा
पहले जगन प्रसाद गर्ग की चिट्ठी और अब आगरा से ताल्लुक रखने वाले दोनों मंत्रियों की चिट्ठी बता रही है कि आगरा नगर निगम में भ्रष्टाचार किस हद तक व्याप्त है। सीधे सीधे मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम को ये तगड़ा झटका है।