आगरा, एबीपी गंगा। आगरा में कोरोना वायरस संक्रमण के हालात दिन ब दिन बदतर होते जा रहे हैं। दरअसल शुरुआत में आगरा के भगवान टॉकीज के पास हाइवे पर स्थित पारस हॉस्पिटल के आइसीयू में आठ दिन कोरोना संक्रमित महिला मरीज भर्ती रही थी। इसके बाद से हॉस्पिटल के मैनेजर, कर्मचारी और मरीजों समेत 23 में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। यहां भर्ती मरीज और कर्मचारियों के सैंपल 11 मार्च को भेजे गए थे। इसमें से फर्रुखाबाद निवासी 45 साल की महिला की सोमवार सुबह मौत हो गई, उसकी रिपोर्ट देर शाम पॉजिटिव आई थी।
अबतक तीन महिलाओं की मौत
महिला को तीन अप्रैल को ब्रेन हेमरेज होने पर भर्ती किया गया था। महिला के पति के भी सैंपल जांच को भेजे गए हैं। यह कोरोना से दूसरी मौत है। रविवार को भी एक महिला की मौत हुई थी। मौत के बाद आई टेस्ट रिपोर्ट में ये भी कोरोना पॉजीटिव पाई गई। आगरा में अब तक कोरोना से तीन मौत हो चुकी हैं। इससे पहले आठ मार्च को कमला नगर के मुगल रोड की कॉलोनी निवासी 76 साल की कोरोना संक्रमित महिला मरीज की एसएन मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। अब तक तीन महिलाएं मनोरमा देवी, रुबीना और सावित्री देवी की मौत हो चुकी है।
पारस बना सबसे बड़ा हॉटस्पॉट
इसे लेकर आगरा जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है कि पारस हॉस्पिटल आगरा का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट है। ऐसे में हॉस्पिटल में भर्ती दोनों महिलाएं पहले से ही गंभीर बीमारियों से पीड़ित थीं। मौत होने के बाद ICMR की गाइडलाइन के हिसाब से सैंपल लिए गये और दोनों कोरोना पॉजिटिव पाई गईं।
गौरतलब है कि आगरा में कल सोमवार को 39 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई थी। इससे कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या जिले में बढकर देर शाम 142 पहुंच गई थी।
