दलित युवक की हत्या पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पीड़ित परिवार से मिले, पुलिस प्रशासन पर उठाए सवाल
UP News: यूपी जिले के जामो थाना क्षेत्र में दलित युवक की पिटाई और बर्बर हत्या को लेकर मंगलवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अमेठी पहुंचे, जहां उन्होंने मृतक युवक के परिजनों से मुलाकात की.

UP Politics News: उत्तर प्रदेश जिले के जामो थाना क्षेत्र में दलित युवक की बर्बर हत्या के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अमेठी पहुंचे और मृतक युवक के परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना जताई और घटना को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला. अजय राय ने कहा कि यदि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो युवक की जान बच सकती थी.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार से बातचीत के बाद बताया कि परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने बताया कि मृतक युवक और उसका परिवार पहले भी हमलावरों के निशाने पर रहा है. करीब तीन महीने पहले दबंगों ने पूरे परिवार की पिटाई की थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. अजय राय ने कहा कि यह लापरवाही नहीं बल्कि जानबूझकर नजरअंदाजी है, जो आज एक दलित की मौत का कारण बनी.
बीजेपी सिर्फ दिखावे की राजनीति करती है- अजय राठी
उन्होंने कहा कि बीजेपी केवल दिखावे की राजनीति करती है. अगर वास्तव में वह बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का सम्मान करना जानती, तो दलितों पर हो रहे अत्याचार को रोकती और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करती. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार के साथ है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी.
अजय राय ने सरकार से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए और पुलिस अधिकारियों की लापरवाही की जांच हो. उन्होंने कहा कि अगर समय रहते एफआईआर दर्ज होती और दोषियों को गिरफ्तार किया गया होता, तो शायद आज यह नौबत नहीं आती.
दलित युवक की पिटाई पर विपक्ष ने खड़े किए सवाल
गौरतलब है कि जामो थाना क्षेत्र में कुछ दिन पहले एक दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे जिले में आक्रोश फैल गया. मामले में अब तक कई आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, लेकिन विपक्ष लगातार कार्रवाई को लेकर सवाल खड़ा कर रहा है.
अजय राय की यह यात्रा न केवल पीड़ित परिवार को सियासी समर्थन देने के रूप में देखी जा रही है, बल्कि इससे आने वाले चुनावों में दलित मतदाताओं को साधने की कांग्रेस की रणनीति भी जुड़ी है. अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या ठोस कदम उठाती है, क्योंकि दलितों पर अत्याचार के मामलों को लेकर योगी सरकार पहले भी विपक्ष के निशाने पर रही है.
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Source: IOCL
























