Harish Rawat On Kanwar Yatra 2025: कांवड़ यात्रा में मुस्लिम कारीगरों द्वारा बनाई जा रही कांवड़ पर उठे सवालों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है. हरीश रावत ने कहा कि अगर बीजेपी की सोच यही रही तो आने वाले दिनों में वो यह भी कहेंगे कि रामलला की मूर्ति खंडित है, क्योंकि उनके वस्त्र और मंदिर के पुजारी जो पादुका पहनते है वो भी मुसलमान बनाते है. 

पूर्व सीएम ने कहा कि भगवान रामलला के वस्त्र पीढ़ियों से मुस्लिम कारीगर ही बनाते आए हैं, ऐसे में आस्था पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है. हरीश रावत ने यूपी में कांवड़ यात्रा मार्ग पर खाने-पीने की दुकानों पर नेम प्लेट को लेकर भी योगी सरकार को घेरा और कहा कि अब बीजेपी ने एक बार फिर चोर दरवाजे से वही खेल शुरू कर दिया है.  

उन्होंने कहा कि अगर फूड सेफ्टी का ही मुद्दा है तो जांच केवल कांवड़ यात्रा तक सीमित क्यों? देहरादून समेत अन्य शहरों में भी मिलावटी खाद्य पदार्थ बिक रहे हैं, उन पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? रावत ने बीजेपी पर धार्मिक आयोजनों को नफरत की राजनीति में घसीटने का आरोप लगाया. 

कांवड़ यात्रा के दौरान नेम प्लेट पर विवादबता दें कि यूपी में कांवड़ यात्रा मार्ग पर खाने-पीने की सभी दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि ये फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सावन महीने में कांवड़ियों की शुद्धता बनी रहे. वहीं इस आदेश के बाद स्वामी यशवीर महाराज ने मुस्लिम कारीगरों से कांवड़ नहीं खरीदने की अपील करके विवाद पैदा कर दिया. 

यशवीर महाराज ने कहा जिन लोगों को हमारे धर्म से कोई लेना देना नहीं है उन्हें मूर्ति, प्रसाद बेचने का कांवड़ बेचने का कांवड़ बनाने का कोई अधिकार नहीं है. इस्लाम में भी इस को हराम बताया गया है तो इस्लाम धर्म के लोगों ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की. अगर मुसलमान कांवड़ बनाता है तो उसे इस्लाम से खारिज क्यों नहीं किया? 

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