मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों का आभार जताते हुए कहा कि जनता ने पहली बार सभी 17 नगर निगमों में मेयर की सीट भाजपा की झोली में डालीं. सभी नगर निगमों में भाजपा का बोर्ड बना. इसका परिणाम रहा कि नगर निगम ने 3 वर्ष में कुछ प्रतिमान भी स्थापित किए, विकास व स्वच्छता का मॉडल दिया. हमें पिछली सरकारों के पापों के गड्ढों को भरने, भ्रष्टाचार के कूड़े को साफ करने में समय भी लगा. विकास पर खर्च होने वाला पैसा जनता का है. इसे मुख्यमंत्री या मंत्री नहीं दे रहे, बल्कि केवल उसका उचित नियोजन कर रहे हैं. जनता का पैसा जनहित में ही खर्च होगा. यही पीएम मोदी जी का विजन है, प्रेरणा है.
मुख्यमंत्री ने नगर निगम में महापौर के कार्यकाल के तीन वर्ष पूर्ण होने पर मंगलवार को लखनऊवासियों को विकास की सौगात दी. इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने 413 करोड़ की 342 परियोजनाओं का लोकार्पण किया और स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ से संबंधित पुस्तिका का विमोचन किया. इस दौरान लघु फिल्म भी दिखाई गई. सीएम ने सभी 17 नगर निगमों के महापौर, 200 नगर पालिका परिषद, 545 नगर पंचायतों के चेयरमैन तथा लगभग 14000 पार्षदों को तीन वर्ष का कार्यकाल संपन्न होने पर शुभकामनाएं दीं.
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के प्लेन का इंजन फेल, निकलने लगा धुआं, बाल-बाल बचे बीजेपी नेता
स्वच्छता हर नागरिक की जिम्मेदारी
सीएम योगी ने कहा कि स्वच्छता रैंकिंग में लखनऊ नगर निगम को देश में तीसरा स्थान मिला, इसे पहले स्थान पर लाना है. यह केवल महापौर, पार्षद या सफाई कर्मचारी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है। घर का कूड़ा कूड़ेदान में ही फेंकें, गीला-सूखा कूड़ा अलग करें. सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करें. नालियों में कूड़ा न फेंकें और सरकारी संपत्तियों का नुकसान भी न करें. लोग कहते हैं कि लखनऊ बहुत साफ-सुथरा है, जब सरकार की कार्यपद्धति साफ-सुथरी होती है तो ऐसा ही होता है. मंत्री, महापौर, पार्षद, पूरी कार्यकारिणी, अधिकारी, सुपरवाइजर तथा सफाई कर्मचारी, सब जुटते हैं तो स्वच्छता दिखाई देती है. सीएम ने ढाई करोड़ की कार से आकर गमला चोरी करने वालों पर कटाक्ष किया और कहा कि सभी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. 45 रुपये का गमला खरीद लेते तो सम्मान भी बना रहता और शहर भी सुंदर दिखता.
प्रचंड गर्मी के 9 दिनों का 'नौतपा' शुरू, बांदा सबसे गर्म जगह, जानें यूपी के बाकी जिलों का हाल
सीएम ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का दिया उदाहरण
सीएम योगी ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उदाहरण दिया और कहा कि जहां 30 वर्षों से कूड़ा डंप होता था, वह अब बेहतरीन स्थल है। वहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय व भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित की गईं. सीएम ने तीनों महापुरुषों के व्यक्तित्व व राष्ट्र के लिए योगदान का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल ही नहीं, ग्रीन कॉरिडोर व मेट्रो समेत हर प्रकार की जन-सुविधाएं हैं.
गरीब, युवा, महिला व किसान को केंद्र में रखा
सीएम ने कहा कि 2017 से पहले सपा सरकार में गरीब के लिए मकान स्वीकृत नहीं हुए. उनकी योजनाएं गरीबों, नौजवानों के लिए नहीं थीं. हमने चेहरा, जाति, क्षेत्र, मत-मजहब देखे बिना देश की चार जातियों (गरीब, युवा, महिला व किसान) को केंद्र में रखकर काम किया. शहरी-ग्रामीण क्षेत्र में 65 लाख से अधिक गरीबों को आवास उपलब्ध कराए. पहले की सरकारें परिवार के लिए सोचती थीं, इसलिए फेल थीं. सपा के गुंडे महिला सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा थे. सपा सरकार में शासन की योजनाओं का लाभ चुनिंदा परिवारों को मिलता था, जबकि मोदी जी ने देशवासियों, डबल इंजन सरकार ने 25 करोड़ प्रदेशवासियों और नगर निगम ने पूरे क्षेत्र को अपना परिवार माना.
नकारात्मक राजनीति करने वालों को दिया जवाब
सीएम ने लखनऊ को प्रदेश का सबसे बड़ा महानगर व नगर निगम बताते हुए कहा कि जितना बड़ा दायित्व होगा, उतनी बड़ी चुनौतियां भी होंगी, लेकिन लखनऊ व प्रदेश चुनौतियों का बखूबी सामना कर रहा है. सीएम ने नकारात्मक राजनीति करने और सकारात्मक पहल पर अंगुली उठाने वालों को जवाब देते हुए कहा कि तीन वर्ष में नगर निगम, 9 वर्ष में प्रदेश और 12 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास के कार्यक्रम नए प्रतिमान से बढ़ाए गए.नगर निकाय, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा सरकार ने कुछ नया करके दिखाया है.हमारे शहर ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दृष्टि से स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित हैं. लखनऊ नगर निगम ने गत वर्ष 200 करोड़ से अधिक का बांड जारी किया था, जबकि 2017 के पहले यहां के बांड की कीमत 25 करोड़ भी नहीं थी.
देश को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास अस्वस्थ मानसिकता
सीएम योगी ने कहा कि ऊर्जा संकट वैश्विक बन चुका है. अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण सप्लाई लाइन बाधित हुई है. दुनिया के तमाम क्षेत्रों में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. जिस अमेरिका के पास अपने ऊर्जा के क्षेत्र हैं, वहां पेट्रोलियम पदार्थ के दाम दोगुने से अधिक हुए हैं. महंगाई चरम पर है, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत में लगातार इसे नियंत्रित किया गया है. पेट्रोलियम उत्पादों के दाम दुनिया में बढ़ेंगे, सप्लाई चेन बाधित होगी तो उसका असर यहां भी पड़ेगा, लेकिन संकट के समय देश के साथ खड़े होने के बजाय देश को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास अस्वस्थ मानसिकता का पर्याय है.
जरूरत के अनुसार ही करें बिजली की खपत
सीएम योगी ने कहा कि गर्मी एकाएक बढ़ने से तमाम थर्मल पावर प्लांट ने अचानक शटडाउन ले लिया. उत्पादन पर असर पड़ा। 2017 तक यूपी में पीक पावर की सप्लाई 15-16 हजार मेगावाट रहती थी, आज यह 32-33 हजार मेगावाट पहुंच गई है. उस समय 6 हजार मेगावाट उत्पादन था, जबकि आज 13 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है. रिन्युवल एनर्जी का उत्पादन लगभग 10 हजार मेगावाट तक बढ़ा है, लेकिन हमारी आवश्यकता 33-35 हजार मेगावाट है. एलपीजी संकट को देखते हुए लोग खाना पकाने में इलेक्ट्रिक हीटर का भी इस्तेमाल कर रहे हैं. देश की समस्या हर किसी की समस्या है. किसी के बहकावे में न आएं. जितनी आवश्यकता है, उतनी ही बिजली खपत करें.
अफवाह फैलाने वाले देश के हितैषी नहीं
सीएम ने कहा कि अफवाह फैलाने वाले देश के हितैषी नहीं हैं. जब ये सत्ता में रहे तो आमजन के हित में कार्य नहीं किया. महिला, किसान, गरीब, युवा के हक पर डकैती डाली. सीएम ने पिछले 9 साल की विकास योजनाओं, लाभार्थियों, सरकारी नौकरियों व रोजगार पाने वाले युवाओं की संख्या गिनाई. उन्होंने कहा कि यह काम सपा, बसपा व कांग्रेस ने क्यों नहीं किया, क्योंकि उनके एजेंडे में सिर्फ परिवार और भाई-भतीजावाद था. हमने सभी के हितों के लिए कार्य किया, इसलिए हम सफल और वे फेल हैं.
विपक्ष के नैरेटिव को न मानें, डबल इंजन सरकार हर समस्या का समाधान निकालेगी
सीएम ने कहा कि हम अपने नागरिक दायित्वों का निर्वहन करें, चुनौतियों का सामना करें और विपक्ष के नैरेटिव को न मानें. ऊर्जा संकट पर अंगुली वही उठा रहे हैं, जिनके समय में लोग बिजली के तारों पर कपड़ा सुखाते थे. सपा के समय में बिजली नहीं आती थी, अब तो पूरी बिजली दी जा रही है. विभाग कार्य कर रहा है। मैंने भी समीक्षा बैठक ली है. हर नागरिक पावर कॉरपोरेशन के साथ खड़े होकर संकट का सामना करने में सहयोग करे. आलोचना से काम नहीं चलेगा, बल्कि संबल दें। डबल इंजन सरकार हर समस्या का समाधान निकालेगी.
नागरिक समस्याओं के समाधान का प्लेटफॉर्म है नगर निगम
सीएम ने कहा कि नगर निगम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का प्लेटफॉर्म है. 100 साल बाद नगर निगम का भव्य भवन बन रहा है. मॉडल गोशाला बन रही है, जहां गोसंरक्षण, सीएनजी निर्माण, कंपोस्ट, प्राकृतिक खेती व हर वेस्ट को वेल्थ में बदलने का भी उदाहरण प्रस्तुत होगा. नगर निगम का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बेहतर कार्य कर रहा है. यह ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्वच्छता, विकास की एक्टिविटी देखने के लिए अच्छा प्लेटफॉर्म है. आने वाले समय में सीएम ग्रिड योजना देश में मॉडल होगी. पहले एक घंटे की बारिश में नगरीय क्षेत्र जल प्लावित हो जाते थे, लेकिन स्टॉर्मवाटर की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम व नगर विकास विभाग ने बेहतरीन योजना बनाई है. लखनऊ में 10 हजार लोगों के लिए कन्वेंशन सेंटर की स्वीकृति दी गई है, इसका टेंडर हो गया है.
सीएम ने विकास मॉडल के लिए मांगा सभी का साथ
सीएम ने कहा कि बहुत सारे मॉडल खड़े होने जा रहे हैं. इसे सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए जनप्रतिनिधियों व लखनऊवासियों का योगदान मिलना चाहिए. विकास योजनाओं में बैरियर बनने के बजाय सकारात्मक सहयोग से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेंगे तो भावी पीढ़ी धन्यवाद देगी. नगरीय निकायों में विस्तार-सुविधाएं जितनी अच्छी होगी, वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी को प्राप्त करने की दिशा में प्रदेश उतनी ही तेजी से बढ़ेगा.
इस अवसर पर महापौर सुषमा खर्कवाल ने अतिथियों का स्वागत किया.समारोह में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, नगर विकास मंत्री एके शर्मा, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधायक ओपी श्रीवास्तव, योगेश शुक्ल, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, मुकेश शर्मा, भाजपा नेता सुनील भराला आदि उपस्थित रहे.
